कंपनियों ने 17 हजार से लेकर 40 हजार तक प्रति माह सैलरी ऑफर की। उम्र की बाध्यता न होने के कारण चार हजार युवाओं ने पंजीकरण कराया था। मेले में कई कंपनियां फील्ड की नौकरियां लेकर आई थीं। इस कारण छात्राओं ने रुचि नहीं दिखाई। ऑफिस जॉब, टेलीकॉलर की नौकरियां छात्राओ को भायीं। कम्युनिकेशन स्किल की कमी होने से कई छात्राओं के हाथ से नौकरी फिसल गई। इंटरव्यू ले रहे कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि अधिकतर युवाओं में कम्युनिकेशन, लीडरशिप, आत्मविश्वास का अभाव रहा। युवाओं को इन बिंदुओं पर काम करने की जरूरत है।
कॉल सेंटर में काम करने के लिए टेलीकॉलर के इंटरव्यू लिए हैं। कुछ युवाओं का कम्युनिकेशन स्किल अच्छा था पर कई युवा बोलते-बोलते अटक जा रहे थे। आत्मविश्वास की कमी के कारण यह दिक्कत थी। कई छात्रों को 15 से 20 हजार रुपये प्रति माह की नौकरियां ऑफर की हैं। -नागेश द्विवेदी, प्रतिनिधि जेप्टो
टीम लीडर और कंपनी रिलेशनशिप मैनेजर की पोस्ट के लिए आए हैं। 24 हजार रुपये प्रति माह सैलरी ऑफर की है। युवाओं में टीम नेतृत्व की भावना कम देखने को मिली। अधिकतर फ्रेशर छात्र आए। इनको पर्सनैलिटी डेवलपमेंट पर काम करना चाहिए। -रोहित कटियार, अमेजन पे