आपके गांव, मजरा में अब तक बिजली नहीं पहुंची है तो धैर्य रखें साल भीतर
बिजली पहुंच जाएगी। बिजली विभाग सिंतबर 2016 से अब तक जिले 2052 गांवों को
बिजली विभाग रोशन कर देगा। विभाग यह कार्य राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण
योजना के तहत कर रहा है, इसमें 192 करोड़ का खर्च किए जाने हैं।
बता
दें कि बिजली विभाग इस योजना को दो कलस्टर में पूरा कर रहा है। पहले कलस्टर
में वे गांव, मजरे लिए गए है। जिनमें खंभे पहले से लगे हैं या विद्युत
उपकेंद्र से नजदीक हैं। इनमें कार्य शुरू हो चुका है।
अधिशाषी अभियंता एनपी
सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार की 12 योजना के अंतर्गत राजीव गांधी
ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में गैर विद्युतीकृत गांवों और उन सभी जगहों के
लिए जहां बिजली नहीं पहुंची है। ब्लाक अमरौधा, अकबरपुर, डेरापुर, झींझक,
संदलपुर, सरवनखेड़ा, मैथा, मलासा, राजपुर, सिकंदरा, रसूलाबाद के सभी गांवों
में ग्रामीण विद्युतीकरण निगम, एसपीबीएल इनर्जी, टाटा पावर, दक्षिणांचल
विद्युत वितरण निगम लिमिटेड मिलकर सर्वे और बिजली पहुंचाने का काम कर रही
हैं। बिजली विभाग की इस योजना में ककवन ब्लॉक शामिल हैं।
जिले विद्युतीकरण
में लगभग 192 करोड़ की राशि खर्च होगी। योजना के तहत जिले के चार ब्लॉकों
में कार्य शुरू हो गया है। इनमें अकबरपुर के 14, रसूलाबाद 14, मलासा के 8
और संदलपुर के 12 गांवों के काम जारी है। डीवीएनएल इस पूरी योजना की तीनों
एजेंसियों के साथ बारीकी से काम कर रही है।
एसपीबीएल इनर्जी के सोमेंद्र
मेहता ने बताया विशेष ध्यान कार्य का गुणवत्ता पर है। कलस्टर-1 में जिले के
हर ब्लाक से 10-10 गांव लिए गए हैं। इस पर काम चल रहा है। कलस्टर-2 में
शामिल किए गांव में सर्वे का काम चल रहा है।ं