बिजली वितरण प्रणाली में सुधार के लिए विकास भवन में जिला विद्युत समिति की
बैठक आयोजित की गई। बैठक में रनियां स्थित विद्युत विभाग कार्यालय को माती
में स्थापित कराए जाने की मांग की गई।
मंगलवार को विकास भवन सभाकक्ष
में विद्युत वितरण प्रणाली सुधार के लिए इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम व
पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना के अंतर्गत बैठक हुई।
बैठक की
अध्यक्षता करते हुए जिला विद्युत समिति के अध्यक्ष सांसद देवेंद्र सिंह
भोले ने कहा कि सरकार की मंशा है कि अंधेरे से उजाले की ओर चलें और सभी को
24 घंटे बिजली मिले। किसानों और उद्यमियों को बिजली संकट से जूझना ना पड़े।
उन्होंने कहा कि योजना के तहत कार्य समय से पूरे किए जाएं। 33/11 केवीए के
नए उपकेंद्रों का निर्माण होगा। नई 11 केवी लाइनों का निर्माण कार्य,
उपकेंद्रों का विस्तारीकरण, एचटी लाइनों का पुर्नगठन, विस्तारीकरण, वितरण
परिर्वतकों की क्षमता वृद्धि, नए वितरण परिर्वतक स्थापित करना, सघन आबादी
वाले क्षेत्रों में अंडरग्राउंड केबिल डालने का कार्य, विद्युत चोरी की
संभावना समाप्त करना, उपभोक्ता केंद्रों का निर्माण कराया जाना शामिल हैं।
कहा कि घरों में स्थापित मीटरों को बाहर लगाया जाना, पुराने मैकेनिकल मीटर
को बदले जाने आदि सम्मिलित है। आईपीडीएस योजना के तहत जिले के रसूलाबाद
झींझक, डेरापुर, शिवली, रूरा, अकबरपुर, अमरौधा व पुखरायां को शामिल किया
गया है।
बैठक के दौरान प्रदेश के वस्त्र एवं रेशम उद्योग मंत्री
शिवकुमार बेरिया ने कहा कि अधिकारी योजनाओं को बिना लापरवाही समय सीमा के
अंदर काम पूरा करें।
इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम और पं. दीनदयाल
उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना के अंतर्गत जिला विद्युत समिति की बैठक
भोगनीपुर विधायक योगेंद्रपाल सिंह, सदर विधायक रामस्वरूपसिंह गौर,
इंद्रपालसिंह ने रनियां स्थित विद्युत विभाग कार्यालय को माती में कार्यालय
स्थापित करने की मांग की।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी कुमार रविकांत
सिंह, सांसद भानुप्रताप वर्मा, सांसद अशोक कुमार दोहरे, विधायक योगेंद्रपाल
सिंह, विधायक रामस्वरूप सिंह गौर, विधायक इंद्रपाल सिंह, जिला पंचायत
अध्यक्ष पति रामसिंह, अरूण कुमार पाठक, मुख्यविकास अधिकारी राजकुमार
श्रीवास्तव, अधिशाषी अभियंता विद्युत एनपी सिंह आदि मौजूद रहे।