उपभोक्ताओं के 2.83 लाख बेवजह गए
कनेक्शन बिजली बिल न जमा करने की वजह से बंद हुए थे, इसलिए बिल भुगतान के बाद भी जुड़ाई शुल्क 236 रुपये प्रति कनेक्शन जमा कराया गया। यह शुल्क ऑनलाइन नहीं जमा होता है। इसलिए उपभोक्ताओं को केस्को के काउंटर पर जाकर इसे जमा करना पड़ा। 1200 उपभोक्ताओं के करीब 2.83 लाख रुपये बर्बाद हुए।
स्मार्ट मीटर का सर्वर भी कर रहा परेशान
प्रदेश सरकार ने स्मार्ट मीटरों के किसी भी नए कनेक्शन पर करीब आठ महीने से रोक लगा रखा है। जन्माष्टमी पर केस्को को छोड़ बाकी सभी जिलों में सर्वर में खराबी से स्मार्ट मीटर बंद हो गए थे। आम तौर उपभोक्ताओं की शिकायत रहती है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर हो या पोस्टपेड बिल भुगतान न होने या बैलेंस खत्म होने पर कनेक्शन कट जाता है। रीचार्ज या भुगतान करने के बाद भी स्वत: चालू नहीं होता है।
मोबाइल पर बल्क मैसेज भेजने पर रोक
केस्को अफसरों का कहना है कि टेलीकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ने बल्क मैसेज भेजने पर प्रतिबंध लगा दिया है। मैसेज भेजे जाने के पहले अप्रूवल लिया जाता है। केस्को ने मैसेज भेजने का ठेका प्रज्ञा वेयर नाम की एक एजेंसी को दिया है, लेकिन बार बार मैसेज भेजने के बाद भी रिजेक्ट हो रहे हैं। उपभोक्ताओं के मोबाइल पर मैसेज न आने से स्मार्ट मीटर उपभोक्ता ही परेशान हैं क्योंकि उनका पूरा सिस्टम एसएमएस पर ही निर्भर करता है। बैलेंस कम होने या बिल का भुगतान कराने का मैसेज आने पर ही उपभोक्ता को जानकारी मिलती है।
पोस्टपेड स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के पास बिना मैसेज गए कनेक्शन कट गए। समस्या की जानकारी मिलने पर स्मार्ट मीटर के सर्वर पर काम करने वालों के साथ शाम पांच बजे तक इसे दुरुस्त कराया है। समस्या का समाधान हो गया है।- अमित धर्मा, एक्सईएन, केस्को आईटी सेल