डेरापुर (कानपुर देहात)। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पैतृक गांव परौंख सहित बीस से अधिक गांवों में दो दिन से बिजली गुल है। परौंख और खल्ला गांवों में टंकी से जलापूर्ति ठप है इसकी वजह से पेयजल संकट से लोग जूझ रहे हैं।
बुधवार की देररात को आंधी आने के बाद डेरापुर उपकेंद्र से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत लाइनों के 21 खंभे टूट गए। तार आपस में उलझ गए। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पैतृक गांव परौंख में उपकेंद्र के फत्तेपुर फीडर से बिजली आपूर्ति होती है। फीडर की लाइन के चार खंभे व लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। इसकी वजह से खल्ला, परौंख, खजुरी आदि गांवों की बिजली गुल है। परौंख गांव के साथ खल्ला गांव की टंकी से जलापूर्ति नहीं हो रही है। दूसरे दिन भी विभाग आंधी में क्षतिग्रस्त हुई विद्युत लाइनों को दुरुस्त नहीं करा सका है। इन गांवों के लोगों को परेशानी हो रही है। परौंख गांव के निवर्तमान प्रधान के पति बलवान सिंह ने बताया कि बिजली गुल होने से पेयजल का संकट बना है। वहीं रतनियांपुर फीडर की विद्युत लाइन के भी चार खंभे टूटने से भुपतियापुर, गुरियापुर, रतनियापुर व इकघरा आदि में बिजली नहीं आ रही।
तहसीलदार लाल सिंह ने बताया कि बिजली विभाग के अफसरों को निर्देशित किया गया है। एसडीओ ईश्वर चंद्र तिवारी ने बताया कि टूटे खंभों के स्थान पर नए खंभे लगाए जाएंगे। इसका अनुमोदन लिया जा रहा है। जल्द की विद्युत लाइन दुरुस्त कराकर बिजली आपूर्ति बहाल की जाएगी।