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Kanpur News: बाढ़ग्रस्त इलाके में 63 मरीजों की जांच में आठ में डेंगू

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मानीमऊ(कन्नौज)। सदर तहसील क्षेत्र के बाढ़ग्रस्त चौरा चांदपुर गांव में 100 से अधिक ग्रामीणों के बीमार होने की खबर पर स्वास्थ्य विभाग की टीम सोमवार को गांव पहुंची। वहां लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में 63 मरीजों की जांच की गई, जिसमें आठ मरीजों में डेंगू पॉजिटिव मिले।
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गांव में कई दिनों से बुखार और वायरल का प्रकोप फैला हुआ है। इस खबर को अमर उजाला ने 21 सितंबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर छपने के बाद सीएमओ के निर्देश पर टीम गांव पहुंची थी। स्वास्थ्य शिविर में डॉ. हरिकृष्ण द्वारा टीम के साथ बुखार, सर्दी-खांसी और बदन दर्द से पीड़ित मरीजों का परीक्षण किया गया। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराने और जरूरी दवा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं स्वास्थ्य टीम ने लोगों को जागरूक किया और मच्छरों से बचाव के उपाय बताए। शिविर की जानकारी समय पर न मिलने के चलते कई ग्रामीण समय से शिविर में नहीं पहुंच सके। कई लोग देर से पहुंचे तो टीम जा चुकी थी, जिससे उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर पहले से मुनादी कराई जाती तो ज्यादा लोग जांच करा पाते। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गांव में फॉगिंग और एंटी लार्वा स्प्रे कराया जा रहा है। पानी जमा न होने देने और साफ-सफाई रखने की अपील की गई है। साथ ही गांव में दोबारा शिविर लगाने की बात कही गई है ताकि छूटे हुए मरीजों की भी जांच हो सके।
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फोटो:20: डेंगू पीड़ित रामदास।

मरीज झोलाछाप से करा रहे इलाज
डेंगू पीड़ित रामदास निवासी चौरा चांदपुर ने बताया कि गांव में डेंगू के मरीज बहुत हैं। कुछ मरीज प्राइवेट क्लीनिक में तो कुछ सरकारी अस्पतालों में और कुछ मरीज घरों में झोलाछाप से इलाज करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधान के साथ वह स्वयं प्राइवेट क्लीनिक में इलाज के लिए जा रहे थे, तभी स्वास्थ्य टीम आ गई।
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फोटो:21: चौरा चांदपुर निवासी भगवानदास।

दर्द का मलहम देकर वापस किया
चौरा चांदपुर निवासी भगवानदास ने बताया कि वह इलाज के लिए कैंप तक पहुंचे लेकिन वहां उन्हें केवल दर्द का मलहम देकर वापस कर दिया गया। उनका कहना है कि उन्हें बताया गया कि कैंप बंद हो चुका है। ग्रामीणों ने मांग की कि स्वास्थ्य कैंप ऐसी जगह लगाया जाए, जहां गांव के अधिक से अधिक लोगों को आसानी से जानकारी मिल सके और सभी की जांच हो सके।
गांव में जगह-जगह गंदगी का अंबार
ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में जगह-जगह जलभराव होने के साथ ही कूड़े के ढेर लगे हैं। लंबे समय से सफाई और जलनिकासी नहीं होने से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। ऐसे में डेंगू और अन्य मच्छरजनित बीमारियां फैल रही हैं और ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है।
सड़क पर अतिक्रमण भी गंदगी की वजह

ग्रामीणों ने सड़क पर अतिक्रमण का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप है कि सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण होने के कारण राहगीरों को निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि गंदगी और अतिक्रमण की समस्या की ओर शासन-प्रशासन द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

उमर्दा क्षेत्र के कई गांवों में फैला वायरल

ठठिया। उमर्दा ब्लॉक क्षेत्र के बहसुइया, खुमानपुरवा, समरपुरवा समेत आसपास के गांवों में जलभराव और जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गए हैं। गंदगी और ठहरे पानी के बीच वायरल बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने से ग्रामीणों में संक्रमण फैलने की आशंका और बीमारी का डर बढ़ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांवों में बड़ी संख्या में लोग बुखार की चपेट में हैं। ग्रामीणों के अनुसार 50 लोग वायरल बुखार से पीड़ित बताए जा रहे हैं। इनमें उषा (50), मनोज (45), भड़के (40) अजय (25) सौरभ (18), रीता (45), खुशबू (25), सेजल (5), बृजेश (40), सोनी (35) और बबलू (28) आदि बीमार हैं।
वर्जन
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में डॉक्टरों की टीम लगातार शिविर लगाकर मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है। जहां डेंगू पॉजिटिव मरीज मिले हैं, वहां विशेष अभियान चलाकर लार्वीसाइडल का छिड़काव कराया जा रहा है। -डॉ. विकास चंद्रा, सीएमओ
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