डेरापुर। थाना क्षेत्र के उरसान स्थित मायके में रह रही गर्भवती को सोमवार को परिजन मृत अवस्था में डेरापुर सीएचसी ले गए। अस्पताल की सूचना पर पहुंची पुलिस को देख परिजन हंगामा करने लगे और पोस्टमार्टम न करवाने की मांग पर अड़ गए। बाद में पुलिस ने शव बिना पोस्टमार्टम के ही परिजन को सौंप दिया।
उरसान निवासी सुनीता देवी 30 की शादी कन्नौज के सौरिख थाना क्षेत्र के शकतपुर निवासी दीपक के साथ हुई थी। उसकी मां प्रेमादेवी ने बताया कि दामाद दीपक दिल्ली में रहकर प्राइवेट नौकरी करता है। बेटी के गर्भ में ही दो बच्चों की मौत हो गई थी। इसके चलते जब वह तीसरी बार गर्भवती हुई तो उसने बेटी को उरसान बुला लिया था। रविवार रात को उसके पेट में दर्द की समस्या बढ़ने पर परिजन ने उसे अकबरपुर के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया था। वहां डॉक्टर ने उसे हैलट ले जाने की सलाह दी।
इस पर वह बेटी को वापस घर ले आई। मोहल्ले वालों के कहने पर वह बेटी को डेरापुर सीएचसी लेकर पहुंची तो वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। अनहोनी पर मृतका की मां, बहन बहन अनीता, विनीता, तान्या, लाली रोने लगीं। इधर अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेने का प्रयास किया मगर मृतका के परिजन व ससुरालीजन पोस्टमार्टम न करवाने की बात कह हंगामा करने लगे। काफी प्रयास के बाद भी परिजन ने शव नहीं उठने दिया। थानाध्यक्ष संजेश कुमार ने बताया कि परिजन के पोस्टमार्टम न करवाने की मांग पर पंचायत नामा के बाद शव परिजन को सौंप दिया गया है। वह शव लेकर शकतपुर गए हैं।