कानपुर देहात। ग्राम पंचायत भवन निर्माण के लिए साढ़े दस लाख रुपये निकाल कर आठ लाख खर्च किए। ढाई लाख का हिसाब न देने पाने पर बीडीओ ने ग्राम पंचायत अधिकारी को नोटिस जारी किया है। वहीं, धनराशि वापस न करने पर एफआईआर की चेतावनी दी गई है।
अमरौधा विकासखंड की ग्राम पंचायत सलारपुर के प्रधान कृपाशंकर ने 27 जुलाई को पंचायत भवन निर्माण में हेराफेरी किए जाने की शिकायत की थी। इसकी जांच एडीओ पंचायत व आरईडी के अवर अभियंता से कराई गई। टीम ने सत्यापन किया तो उन्हें कोई अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए। जांच रिपोर्ट के अनुसार टीम ने ग्राम पंचायत के बैंक आफ इंडिया में खुले खाते को खंगाला गया। पिछले साल 14 अक्तूबर को पंचायत भवन निर्माण के लिए 1047600 रुपये की पहली किस्त जारी की गई थी, लेकिन काम शुरू न होने के चलते इस साल 7 मई तक ब्याज सहित कुल धनराशि 1064239 रुपये हो गई। जिसके बाद 15 मई से 4 जुलाई तक 10 लाख 45 हजार 119 रुपये निकाले गए।
जांच टीम के अवर अभियंता ने पंचायत भवन के लिंटर स्तर तक हुए निर्माण का मूल्यांकन किया तो 520238 रुपये का व्यय पाया। जबकि 2.80 लाख रुपये का निर्माण सामग्री मौके पर पाई गई। इस प्रकार कुल निकाली गई धनराशि में से 8 लाख रुपये का खर्च होना पाया गया। जबकि 2 लाख 45 हजार 119 रुपये की धनराशि बगैर कार्य के निकाली गई। जिसपर वसूली की कार्रवाई शुरू की गई है।
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बयान-
- ग्राम पंचायत भवन निर्माण के लिए सचिव पुनीत त्रिपाठी पर 2.45 लाख रुपये बगैर कार्य के निकालने के आरोपों की पुष्टि हुई है। उन्हें तीन दिन में धनराशि वापस जमा करने का नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण तलब किया गया है। अन्यथा ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ सरकारी धनराशि हड़पने की एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी।
- प्रशांत कुमार (बीडीओ अमरौधा)