कानपुर में केडीए ने गुरुवार को बिनगवां में विरोध को दरकिनार करते हुए एक साथ आठ बुलडोजर चलाकर पक्के मकान, बाउंड्रियां ध्वस्त कीं। करीब 4 बीघा जमीन पर अवैध प्लाटिंग तोड़ी गई। इस जमीन की कीमत करीब 12 करोड़ रुपये है। जिन मकानों में लोग रह रहे थे, उनमें नोटिस चिपकाई गईं।
विकास प्राधिकरण अरविंद सिंह के निर्देश पर ग्राम बिनगवां में भू-माफिया की तरफ से केडीए स्वामित्व की जमीनों पर किए गए अवैध निर्माणों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जोन-3 के प्रवर्तन, अभियंत्रण, प्रवर्तन एवं भूमि बैंक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त टीम, तहसीलदार सदर, नायब तहसीलदार (सदर), कई थानों के फोर्स और बुलडोजरों सहित बिनगवां पहुंचा।
जिसे देख महिलाओं सहित कई अन्य लोगों ने ध्वस्तीकरण का विरोध किया। बिधनू, सचेंडी सहित कई थानों के फोर्स ने उन्हें फटकार लगाकर भगाने के बाद प्राधिकरण स्वामित्व वाली आराजी संख्या 317, 318, 319, 320, 321, 322 पर की जा रही अवैध प्लाटिंग और वहां बने 10 पक्के मकान, 35 निर्माणाधीन मकान, बाउंड्री तोड़ी गईं।
केडीए के पीआरओ एसबी राय के अनुसार प्राथमिक जांच में पता चला कि बीएसीएल कंपनी दूूसरी आराजियों के नाम पर आम जनता को प्लॉट बेचकर कब्जा दे रहा था। अवैध प्लाटिंग करने वाले बीएसीएल कं पनी को भू-माफिया घोषित करते हुए एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही गुंडा, गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। ध्वस्तीकरण के दौरान कंपनी के कर्मचारियों और उन्हीं के कुछ अराजकतत्वों ने विरोध किया था, जिन्हें पुलिस ने खदेड़ दिया था। बिनगवां के साथ अन्य क्षेत्रों में की जा रही अवैध प्लाटिंग ध्वस्त करने का अभियान जारी रहेगा।