कानपुर। यातायात भवन मीरपुर में डीसीपी ट्रैफिक रवींद्र कुमार ने शहर के अलग-अलग व्यापारिक संगठनों के साथ बैठक की। इसमें यातायात संचालन में समस्या बने ई-रिक्शा के संचालन को नियंत्रित करने के लिए व्यापारियों से सुझाव मांगे। व्यापारियों ने 40 के बजाय चार रूटों पर ई-रिक्शा चलाने की राय दी। साथ ही एक रूट पर ई-रिक्शों की संख्या 15000 निर्धारित करने की बात कही। बंद रास्तों को खोेलने की मांग उठाई।
बैठक में भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने सुझाव दिया कि सभी ई-रिक्शा वालों को लाभ मिले इसके लिए इनका रूट बढ़ाकर लंबा किया जाए। यातायात को नियंत्रित करने के लिए घंटाघर चौराहे पर मंदिर के सामने बंद रास्ते को खोला जाए और शहर के अन्य चौराहों पर भी बंद रास्तों को खोलने के लिए समीक्षा की मांग की।
डीसीपी ट्रैफिक ने बताया कि कानपुर में लगभग 50 हजार ई-रिक्शा चलते हैं। उनको अलग-अलग 40 रूट में संचालित किया जा रहा था। कई बार नियमों का उल्लंघन करने पर करीब 1500 ई-रिक्शों का चालान भी किया गया है। अब महानगर में ई- रिक्शा संचालन के लिए चार या पांच रूट ही बनाए जाएंगे। साथ ही किसी एक रूट पर बहुत ज्यादा ई-रिक्शा न चलें। उसके लिए अधिकतम 15 हजार ई- रिक्शा ही एक रूट पर होंगे। बैठक में ई रिक्शा संचालन के लिए महानगर में 40 रूट तय करने के बजाय इसे 4 रूट में करने का निर्णय लिया गया।
फीटा के उमंग अग्रवाल ने सुझाव दिया कि रूट के हिसाब से ई-रिक्शा चालकों को अलग-अलग नंबर दिए जाएं। इससे ये दूसरे रूट में नहीं जा सकेंगे। भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के युवा जिलाध्यक्ष आशीष मिश्र और जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष अब्दुल वहीद ने सुझाव दिया कि माल ढोने वाले ई- रिक्शा को इस व्यवस्था से अलग रखा जाए। ओला, उबर वाले ई-रिक्शा को भी इस व्यवस्था से अलग करने की मांग की। जिला टास्क फोर्स संयोजक पवन गौड़ ने ई-रिक्शा के अलावा टेंपो संचालकों में भी सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। ई- रिक्शा एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने ई-रिक्शा के लिए स्टैंड व्यवस्था की मांग उठाई। बैठक में प्रदीप केडिया, आलोक वाजपेयी, अशफाक अहमद खान, जय कुमार शर्मा, मोहम्मद शाहिद, सुरेंद्र जायसवाल आदि थे। डीसीपी ट्रैफिक रवींद्र कुमार ने बताया कि मंगलवार को व्यापारियों से बातचीत हुई है। बुधवार को उनकी पुलिस कमिश्नर के साथ बैठक होनी है। उसमें शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और ई-रिक्शा के रूट पर विचार विमर्श होगा।