दूल्हे के पिता रामरतन और दूल्हा रविकांत
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जयमाला कार्यक्रम शुरू होते ही जब दूल्हे ने दुल्हन को जयमाला पहनाई, तभी दुल्हन ने दूल्हे के गाल पर तीन-चार जोरदार थप्पड़ जड़ दिए और वापस स्टेज से उतरकर कमरे में चली गई। तभी बरातियों और दुल्हन पक्ष के बीच लाठी डंडे चलने लगे। मारपीट में दुल्हन के मामा बब्बू के गंभीर चोटें आईं हैं, जिन्हें जिला अस्पताल भेजा गया। वहीं, सूचना पर पहुंची पुलिस ने झगड़े को शांत कराया।
दूल्हे के पिता रामरतन ने बताया कि कुदारी गांव निवासी तिजोले एवं चमारी गांव निवासी रवि और उनके दामाद व उसे बीच बचाव में चोटें आईं हैं। वहीं, पूरी बरात सुबह वापस चली गई। सोमवार को दोपहर करीब 12 बजे ललपुरा पुलिस ने दोनों पक्षों में सुलह समझौता कराया। इसके बाद शादी की रस्में शुरू कर दी गईं। दुल्हन के चाचा गोपी ने बताया कि दुल्हन को भूत प्रेत का चक्कर रहता था, झाड़ फूंक कराते रहे हैं।
जय माला के पहले उसे कपड़े पहनाते समय गले में पहने ताबीज महिलाओं के हटा देने से भूत प्रेत के कारण ऐसा हो गया। सुबह कुंडौरा गांव से तंत्रमंत्र करने वाले को बुला कर झाड़ फूंक कराया, तो ठीक हो गई। बाद में बेटी रोशनी ने सभी लोगों से गलती मान ली है, जिससे शादी की रस्में शुरू हो गईं हैं। दूल्हे के पिता ने बताया कि वह लोग दुल्हन को विदा करा करके ले जाएंगे। दुल्हन के पिता ने कहा भूत प्रेत के चक्कर में ऐसा हुआ था।