अस्पताल पर कार्रवाई करने की मांग
दुर्गा वाहिनी जिला सहसंयोजिका की मौत को चार दिन का समय बीत चुका है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल संचालक के खिलाफ कार्रवाई करना तो दूर जांच भी मुनासिब नहीं समझा। वहीं पुलिस ने भी रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अब तक कोई प्रयास नहीं किए हैं। पिता समेत मायके वालों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए अगर न्याय न मिला तो उच्चाधिकारियों से मिलकर शिकायत करेंगे।
प्रसव के दौरान हुई थी सह संयोजिका की मौत
दुर्गा वाहिनी जिला सह संयोजिका की एक निजी अस्पताल में प्रसव के बाद हालत बिगड़ गई। फर्रुखाबाद ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। मायके पक्ष के लोगों ने अस्पताल प्रशासन व चिकित्सक पर लापरवाही के आरोप लगाए थे। थाना क्षेत्र के वीरपुर गांव निवासी नीतू यादव (32) पत्नी रविंद्र यादव दुर्गा वाहिनी की जिला सह संयोजिका थी। बच्चों के साथ वह सौरिख में तिर्वा रोड पर किराये के मकान में रहती थी।
शव छोड़कर अस्पताल बंद कर भाग गए थे अस्पताल कर्मी
शुक्रवार को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर वह बच्चे के साथ तिर्वा रोड पर स्थित निर्मला नर्सिंग होम ने भर्ती हो गई। सामान्य डिलीवरी हुई, महिला ने बेटी को जन्म दिया। पिता दिनेश शर्मा का आरोप है कि प्रसव के कुछ देर बाद नीतू की हालत बिगड़ गई। अस्पताल संचालक महिला को इलाज के लिए फर्रुखाबाद ले जा रहा था। तभी रास्ते में मौत हो गई। अस्पताल संचालक शव को लोहिया अस्पताल में रखवाकर मौके से फरार हो गया।