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हाईवे पर डंपर स्टैंड: एक साल में काल के गाल में समाए 186 लोग, यहां अंधेरा होते ही मुंह बाए खड़ी रहती मौत

Mon, 25 May 2026 01:07 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा

सार

नेशनल हाईवे पर पांच किमी के दायरे में 100 से अधिक डंपर व ट्रक खड़े रहते हैं। तीन माह में परिवहन विभाग ने 420 वाहनों के चालान काटे और 45 को सीज किया। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा-कानपुर नेशनल हाईवे पर सफर करना अब लोगों के लिए जिंदगी और मौत का खेल बन गया है। हाईवे के किनारे बेतरतीब ढंग से खड़े डंपर और ट्रक जिंदगियों के लिए काल साबित हो रहे हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो एक साल में इन खड़े वाहनों से टकराकर 186 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं जबकि 256 लोग गंभीर रूप से घायल चुके हैं। इसके बावजूद धड़ल्ले से हाईवे को डंपर स्टैंड बना दिया गया है और जिम्मेदार मौन साधे बैठे हैं।
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मौत का ब्लैक स्पॉट बना पांच किमी का दायरा
हाईवे पर मलाजनी से लेकर इकदिल के बीच का पांच किलोमीटर का दायरा सबसे खतरनाक हो चुका है। इस सीमित क्षेत्र में हर समय 100 से अधिक डंपर और ट्रक अवैध रूप से खड़े रहते हैं। रात के अंधेरे में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। इन खड़े वाहनों में न तो कोई रिफ्लेक्टर होता है और न ही इंडिकेटर जलते हैं। तेज रफ्तार में आने वाले दोपहिया और चार पहिया वाहन चालक सीधे इन डंपरों के पीछे जा घुसते हैं, जिससे मौके पर ही मौत हो जाती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार शिकायत के बाद भी कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है।

इन प्रमुख स्थानों पर खड़े होते हैं डंपर व ट्रक
- मलाजनी (होटलों और ढाबों के बाहर कतार)
- फ्रेंड्स कॉलोनी (आवासीय क्षेत्र के सामने अवैध पार्किंग)
- रेलवे ओवरब्रिज (उतार और चढ़ाव पर खड़े भारी वाहन)
- मानिकपुर मोड़ सड़क (ब्लाइंड टर्न पर खड़े डंपर)
- पिलखर और इकदिल (सड़क के दोनों ओर ट्रकों का जमावड़ा)

 

तीन माह में 420 वाहनों का चालान, 45 को किया सीज
तीन महीनों में हाईवे पर अवैध रूप से खड़े रहने वाले वाहनों के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चलाया गया था। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले 420 वाहनों के चालान काटे गए हैं, जबकि 45 डंपरों और ट्रकों को सीज कर विभिन्न थानों में खड़ा कराया गया है। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कार्रवाई महज कागजी और खानापूर्ति तक सीमित है। दिन में पुलिस गाड़ी हटाती है और रात होते ही हाईवे फिर से डंपर खड़े हो जाते हैं।

 
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अंधेरा होते ही बढ़ जाता है खतरा
स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि बाईपास और हाईवे के कटों के पास ढाबा संचालकों और डंपर मालिकों की सांठगांठ के चलते यह अवैध पार्किंग फल-फूल रही है। कोहरे या बारिश के मौसम में तो यह स्थिति और भी जानलेवा हो जाती है। जब तक प्रशासन इन डंपरों के लिए हाईवे से दूर कोई निश्चित पार्किंग स्थल तय नहीं करता, तब तक इन खूनी हादसों पर लगाम लगाना नामुमकिन होगा।

हाईवे पर अवैध रूप से खड़े होने वाले डंपरों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। तीन माह में सैकड़ों चालान किए गए हैं। नेशनल हाईवे अथॉरिटी (एनएचएआई) और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर एक संयुक्त अभियान चलाया जाएगा ताकि हाईवे को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया जा सके।- प्रदीप कुमार, एआरटीओ

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