फुटकर में सब्जियों के दाम
हरी मिर्च 60 रुपये, शिमला मिर्च 80, कद्दू 20 रुपये, भिंडी 40, बैंगन 40 रुपये, लौकी 20-25, धनिया 240 रुपये, प्याज 50, आलू 35 रुपये, टमाटर 50, तरोई 40 रुपये किलो है।
मंडी की जगह मिलों में किसान बेच रहे गेहूं
गेहूं के साथ ही आटा के दाम भी तेज हो गए हैं। चक्की में 29 रुपये किलो बिकने वाला आटा 31 रुपये किलो में बिकने लगा है। ब्रांडेड कंपनियों के आटा का दाम 42 रुपये किलो हो गया है। पहले 40 रुपये किलो भाव थे। दो साल से ज्यादा समय से चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध और पिछले साल शुरू हुए इस्राइल-हमास युद्ध से इन देशों के अलावा यूरोप, अरब देशों में आटा की मांग तेजी से बढ़ी है। सरकार ने गेहूं-आटा आदि के निर्यात पर रोक लगा रखी है।
मंडी आने में भाड़ा ज्यादा लगता है
कानपुर गल्ला आढ़तिया संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय बाजपेई ने बताया कि गल्लामंडी में हर दिन 400-500 क्विंटल गेहूं आ रहा है। आटा मिलों में चार से पांच हजार क्विंटल गेहूं जा रहा है। मिल कारोबारी किसानों को 2580 से 2613 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं का भाव दे रहे हैं। किसान भी अच्छी कीमत मिलने पर मंडी की जगह इन्हें गेहूं बेच रहा है। उसको भुगतान भी उसी दिन हो रहा है। साथ ही बारदाना वापस मिल जाता था। मंडी आने में भाड़ा ज्यादा लगता है। किराना कारोबारी राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि फुटकर में आटा का भाव 32-35 रुपये किलो है। चक्की वाला आटा 31 रुपये किलो है, जो पहले 29 रुपये किलो था। ब्यूरो