यूपी के कन्नौज जिले में आर्थिक तंगी से जूझ रहा परिवार छठवीं कक्षा में पढ़ रहे बच्चे को बस्ता न दिलवा सका। नतीजा बस्ता न मिल पाने पर छात्र ने गांव के बाहर नीम के पेड़ से फांसी लगाकर जान दे दी। यह घटना तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के गांव बिसंधुआ में बृहस्पतिवार को दोपहर हुई।
तिर्वा कोतवाली के गांव बिसंधुआ में सोमवती पाल के पति नेत्रपाल की पांच साल पहले मौत हो गई थी। सोमवती पर नौ बच्चों के पालन की जिम्मेदारी है। सोमवती के हिस्से में दो बीघे खेती है, जिससे परिवार का गुजर बसर करना भी मुश्किल है। सोमवती का 13 वर्षीय पुत्र सौरभ जसपुरापुर सरैया स्थित एक निजी स्कूल में छठवीं कक्षा का छात्र था। बड़ा बेटा अंकित पाल मेहनत-मजदूरी कर छोटे भाई-बहनों को पढ़ाता और घर खर्च में मां का हाथ बंटाता है।
अंकित ने जुलाई में फीस और किताबों की व्यवस्था की थी, लेकिन बस्ता नहीं दिला सका था। सौरभ बड़े भाई अंकित से बस्ता दिलाने के लिए लगातार जिद कर रहा था। बस्ता न मिलने से वह बेहद दुखी था। बृहस्पतिवार की दोपहर तकरीबन एक बजे सौरभ मां सोमवती से खेतों की ओर मवेशियों के लिए घास लेने की बात कहकर घर से निकला। इसके बाद उसने गांव के बाहर नीम के पेड़ पर रस्सी से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।