सरवनखेड़ा। मुख्य लाइन में फाल्ट की वजह से सरवनखेड़ा व गजनेर उपकेंद्र से जुड़े 100 गांवों की बिजली सात घंटे गुल रही। इससे मंगलवार सुबह पेयजल किल्लत रही। वहीं रातभर लोग गर्मी से बेहाल रहे।
रनियां ग्रिड उपकेंद्र से आयी 33 केवी लाइन में सोमवार देर रात लगभग दो बजे फाल्ट हो गया। इससे सरवनखेड़ा व गजनेर उपकेंद्र ठप हो गए। सैंथा, गजनेर, सरवनखेड़ा, मुक्तापुर, रघुनाथपुर, ज्यूनिया समेत सौ गांवों में बिजली गुल रही। इधर सोमवार सुबह पेयजल किल्लत रही। दूर लगे हैंडपंप से लोगों को पानी भरकर लाना पड़ा। बिजली कर्मियों ने पेट्रोलिंग शुरू की तो पामा रेलवे स्टेशन के पास लाइन में फाल्ट मिला। इसके बाद सुबह करीब नौ बजे बिजली आपूर्ति बहाल हुई। अवर अभियंता मयंक सिंह राठौर ने बताया कि मेनलाइन में फाल्ट की वजह से दिक्कत रही। सोमवार सुबह बिजली आपूर्ति बहाल करा दी गई।
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फोटो-35 झींझक नहरपुल के पास लाइन शिफ्टिंग करते बिजली कर्मी। स्रोत लाइनमैन
आठ घंटे गुल रही बिजली, दगा दे गए इन्वर्टर
झींझक। नगर में बने नये नहरपुल के पास रास्ते में लगे 11 केवी लाइन के बिजली पोल व तार हटाने का काम मंगलवार को कराया गया। सुबह 8 बजे से बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। पूरे दिन काम चला। दोपहर में उमस बढ़ने से लोग परेशान हुए। पेयजल किल्लत भी रही। शाम 4:15 बजे बिजली आपूर्ति बहाल होने पर लोगों को राहत हुई। झींझक के आशीष दीक्षित, सरोज यादव, सत्यम सिंह, अर्चित गुप्ता ने बताया कि लगातार आठ घंटे बिजली आपूर्ति बंद रहने से समस्या रही। एसडीओ झींझक लव कुमार वर्मा ने बताया कि नहरपुल के पास 11 केवी लाइन शिफ्ट कराई गई है। शाम को बिजली आपूर्ति बहाल करा दी गई। (संवाद)