कानपुर। बिधनू के दहेली उजागर गांव में रजबहे की पुलिया चोक होने से कई जगह पटरी कट गई। इससे पानी ओवरफ्लो होकर खेतों में भर गया। इससे करीब 150 बीघा गेंहू की फसल जलमग्न हो गई। शनिवार सुबह खेतों में पानी भरा देख किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसपर नहर विभाग के कर्मचारियों ने रजबहे की कटी पटरियों में मिट्टी डलवाकर ठीक कराया। मौके पर पहुंचे लेखपाल ने मुआवजे का आश्वासन देकर किसानों को शांत कराया।
शुक्रवार रात रामगंगा नहर से खेतों में सिंचाई के लिए उदयपुर रजबहे में पानी छोड़ा गया था। दहेली उजागर गांव के पास रजबहे की पुलिया संकरी होने के चलते उसमें कचरा फंस जाने से पुलिया चोक हो गई। पानी के ओवरफ्लो होने से रजबहे की दोनों तरफ की पटरियों में कई कटान से खेत जलमग्न हो गए। शनिवार सुबह खेतों में पहुंचे किसानों ने फसल में पानी भरा देख नहर विभाग के खिलाफ हंगामा शुरू कर दिया।
किसान मयंक तिवारी, बाबू कछवाह, संदीप, मयंक त्रिपाठी, आनंद दुबे, राजपूत कुशवाहा, सुशील कश्यप, देवीप्रसाद, गेंदालाल, साधू सिंह, भीम सिंह, भगतसिंह आदि किसानों ने नहर विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। बताया कि विभाग ने रजबहे की आधी-अधूरी सफाई कर सिर्फ खानापूर्ति कर छोड़ दिया। रजबहा पूरी तरह साफ न होने से पुलिया चोक हो गई। रजबहे की सफाई के दौरान पुलिया में कचरा फंसने की जानकारी दी थी फिर भी पुलिया का निर्माण नहीं कराया गया।
किसानों के हंगामे की जानकारी पर नहर विभाग के कर्मचारियों ने आनन-फानन में रामगंगा नहर का पानी रोकर क्षतिग्रस्त रजबहे की पटरी में जेसीबी से मिट्टी डालकर कटान को ठीक कराया। सूचना पर पहुंचे लेखपाल मनोज तिवारी ने पीड़ित किसानों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर शांत कराया। डूबी फसल की रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजने की बात कही।