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ड्रग्स माफिया बच्चा की पुलिस अफसर के बेटे ने कराई थी भाजपा में एंट्री, बनना चाहता था विकास दुबे

Sun, 23 Aug 2020 12:50 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा वाचस्पति पांडेय, अमर उजाला, कानपुर
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भाजपा नेताओं के साथ ड्रग माफिया सुनील शर्मा उर्फ बच्चा की फोटो - फोटो : amar ujala
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कानपुर के ड्रग्स माफिया सुशील शर्मा उर्फ बच्चा विकास दुबे और जय बाजपेई की तरह राजनीति में भी शामिल होना चाहता था। इसके चलते ही उसने पुलिस की मुखबिरी करने के साथ ही एक पुलिस अफसर के भाजपा नेता बेटे की मदद से सियासी पारी की शुरुआत कर दी।
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भाजपा नेता ने बच्चा को भाजपा में शामिल करा दिया। सूत्रों के अनुसार सुशील उर्फ बच्चा ने अपने बॉस पप्पू डॉन के एनकाउंटर के बाद पुलिस की मुखबिरी करने के साथ ही जुआ खिलाने और मादक पदार्थों की सप्लाई शुरू कर दी। बच्चा मुखबिरी के चलते स्थानीय पुलिस के साथ-साथ स्वॉट टीम, एसटीएफ, क्राइम ब्रांच, एसओजी टीम के साथ रहने लगा।

 
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विकास दुबे - फोटो : ANI
टीम उसे अपने साथ ले जाती और अपराधियों को पकड़ती थी। इस बीच उसकी मुलाकत एक पुलिस अफसर के बेटे (बीजेपी नेता) से हुई। उससे उसने राजनीति में शामिल होने की इच्छा जाहिर की। इसके बाद उसने बच्चा और उसके भाई बउआ को बीजेपी में शामिल करा दिया गया। बच्चा ने उसके साथ कई रैलियां भी निकालीं। इसके बाद उसके साथ इलाके में बीजेपी नेताओं संग कई पोस्टर भी लगवाए। देखते ही देखते सक्रिय अपराधी बीजेपी नेता हो गया। अब मादक पदार्थों की तस्करी में नाम सामने आने के बाद नेता और पुलिस उससे पीछा छुड़ाने में लगे हैं।

जेल में हत्या का डर 
सूत्रों के अनुसार मुखबिरी के जरिए बच्चा ने कई अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया था। इसमें से काफी बदमाश आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। बच्चा को डर था कि अगर पुलिस उसे जेल भेजती है तो जेल में बंद अपराधी उसकी हत्या कर सकते हैं। इसी डर से वह खुद को जेल जाने से बचता रहा है और पुलिस के साथ रहकर उनकी हर ख्वाहिश पूरा करता है।

पास में रखता है सादा मोबाइल
बच्चा पुलिस के साथ रहते-रहते उनकी सारी गतिविधियों (कार्यशैली, सर्विलांस) से वाकिफ हो गया था। इसके चलते वह कभी भी स्मार्ट फोन का प्रयोग नहीं करता है। वह की-पैड वाला सादा मोबाइल इस्तेमाल करता था। इसके साथ ही मोहल्ले-टोले में कभी किसी से झगड़ा नहीं करता, हमेशा सरल व्यवहार रखता है जिससे कोई उसकी शिकायत भी नहीं करता था। 
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