कानपुर। मां दुर्गा मेडिकोज के जरिए नशीली दवाओं का कारोबार करने वाला रोहन पचौरी घर से भाग गया है। उसने फीलखाना स्थित अपने घर का पता भी फर्जी बताया है। उसके बताए पते पर जब ड्रग विभाग की टीम पहुंची तो वहां खाली प्लाट मिला। आसपास पता करने पर लोगों ने बताया कि इस पर काफी दिनों से ताला पड़ा है।
एडीएम सिटी राजेश कुमार के निर्देश पर ड्रग विभाग ने मेसर्स मां दुर्गा मेडिकोज के संचालक रोहन पचौरी के खिलाफ 31 अक्तूबर को प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। ड्रग विभाग को सूचना मिली थी कि संचालक की ओर से काफी मात्रा में कोडीनयुक्त औषधि की खरीदारी की गई और उसे अवैध रूप से बेच दिया गया। सूचना पर ड्रग इंस्पेक्टर औरैया ज्योत्सना आनंद और कानपुर से ओमपाल सिंह ने निरीक्षण किया तो दुकान बंद पाई गई।
मकान मालिक अवधेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया था कि उसने दुकान किराये पर ली थी लेकिन यहां मेडिकल स्टोर संचालित नहीं किया था। अनुबंध पूरा होने के बाद से दुकान पर ताला पड़ा है। मेडिकल स्टोर बंद करने की सूचना भी रोहन ने ड्रग विभाग को नहीं दी। इतना ही नहीं रोहन ने अपनी फर्म के जरिए लखनऊ के आरपिक फार्मास्युटिकल से दो लाख 20 हजार 586 कोडीन सिरप की बोतलें खरीदीं। मेडिकल स्टोर की आड़ में दवाएं अवैध रूप से बेच दीं।
थाना महाराजपुर के इंस्पेक्टर संजय कुमार पांडेय ने बताया कि मां दुर्गा मेडिकोज के खिलाफ ड्रग विभाग ने एफआईआर दर्ज कराई है। जांच चल रही है। ड्रग विभाग की टीम भी उससे बात करने के लिए फोन मिला रही है लेकिन अब उसका नंबर बंद है। वह भी गायब है। टीम जब दिए गए पते पर पहुंची तो वहां खाली प्लॉट पर ताला लगा मिला।