Driver Strike: कानपुर में चालकों की हड़ताल से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति लड़खड़ा गई। मंडी से फल नहीं उठे। दो दिन में 900 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। 30 हजार से ज्यादा इकाइयों में कच्चा माल की समस्या हो गई। तैयार माल इकाइयों में ही पड़ा रहा।
हिट एंड रन कानून में किए गए नए संशोधनों को अभी न लागू किए जाने से हड़ताल तो मंगलवार रात को खत्म हो गई, लेकिन दो दिन चली हड़ताल से मुसीबतों की शुरुआत हो गई थी। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति लड़खड़ाने के साथ ही सब्जियों, फलों, खाद्य पदार्थों की आवक घट गई थी।
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कच्चा माल न मिलने से 30 हजार से ज्यादा इकाइयों के सामने बंदी का संकट आ गया था। तैयार माल इकाइयों में ही डंप हो गया था। सब्जियों के दाम थोक के साथ फुटकर में भी बढ़ गए थे। अब हड़ताल खत्म होने से बुधवार से हालात सामान्य होने लगेंगे।
चकरपुर मंडी और सीपीसी माल गोदाम में माल लोडिंग-अनलोडिंग का काम नहीं हुआ। रोजाना 50-60 ट्रक मटर लोडर और ट्रक से आती थी। मंगलवार को 10-12 लोडर और ट्रक आए। टमाटर के सात-आठ ट्रक आए। कोलकाता से करेला, भिंडी, खीरा भी केवल एक ट्रक आया। पहले तीन से चार ट्रक प्रतिदिन आ रहे थे।
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आपूर्ति घटने से सब्जियों के भाव तेज हो गए। थोक में गाजर 12 रुपये किलो बिक रही थी। अब 20 रुपये किलो है। मटर का भाव 16-18 रुपये किलो बढ़कर 22 रुपये किलो हो गया। टमाटर 10-15 रुपये किलो था। जो 20 रुपये पहुंच गया। थोक में भाव बढ़ने से फुटकर में हर सब्जी का दाम बढ़ गया है।
गुंडागर्दी, ई-रिक्शा चालकों से मारपीट, महिलाओं से अभद्रता
इससे पहले, विरोध की आड़ में हड़ताल समर्थकों ने अराजकता भी शुरू कर दी है। चकेरी में ई-रिक्शा चालकों से टेंपो चालकों ने मारपीट की। महिला यात्रियों से अभद्रता भी हुई। कुछ वाहनों के शीशे तोड़े गए। पीएसी रोड निवासी सूरज ने बताया कि वह पत्नी अंजली व साली को लेकर लालबंगला गया था। लौटते समय कोई साधन नहीं मिला। इसके बाद वह पैदल रामादेवी पहुंचा। यहां पर ई-रिक्शा पर बैठ गए। इसी बीच 10-15 लोगों ने ई-रिक्शा को घेर लिया। फिर चालक से मारपीट करने लगे। सवारियों से भी धक्कामुक्की कर उतार दिया। इसके बाद ई-रिक्शा के शीशे तोड़ दिए। वहीं जीटी रोड पर जुगल पैलेस के सामने बुजुर्ग ई-रिक्शा चालक को गिरा-गिराकर पीटा गया। इस दौरान चालक से मारपीट की सूचना पर पहुंचीं पुलिस भी कुछ नहीं बोली।
ई-रिक्शा में स्कूली बच्चे को बैठा देख किया विरोध, मारपीट
कल्याणपुर पनकी रोड पर मंगलवार दोपहर को एक ई-रिक्शा चालक निजी स्कूल के बच्चों को घर छोड़ने जा रहा था। तभी पनकी रोड पर विरोध कर रहे चालकों ने ई-रिक्शा चालक से बच्चों को उतारने के लिए कहा। ई-रिक्शा चालक ने मना कर दिया। चालक विजय ने कहा कि स्कूल के बच्चे हैं। इनको छोड़ने के बाद कोई सवारी नहीं बैठाऊंगा। वहीं दूसरी तरफ पनकी रोड चुंगी पर रिक्शे में सवारी बैठी देख अन्य चालकों ने विरोध किया। सवारी उतारकर रिक्शे को धक्का मार के आगे बढ़ा दिया। ई-रिक्शा चालक ने सवारी उतारने का जब विरोध किया तो विरोध कर रहे चालकों ने उसकी पिटाई कर दी और दोबारा सवारी भरने के लिए मना कर दिया।
रामादेवी चौराहे पर जाम लगाने का प्रयास
कानपुर के रामादेवी चौराहे पर मंगलवार को टेंपो, आटो चालकों ने जाम लगाने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें समझा बुझाकर शांत कराया। मंगलवार सुबह से ही टैम्पो आटो चालक भारी संख्या में रामादेवी चौराहे पर जमा होने लगे। इसके साथ ही लोग चौराहे पर नारेबाजी करने लगे। जानकारी पर चकेरी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने उन्हें शांतिपूर्वक आंदोलन करने की हिदायत दी। साथ ही कानून हाथ में लेने पर कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी। जिसके बाद चालकों की भीड़ रामादेवी चौराहे से चली गई। फिर चौराहे स्टैंडों पर सन्नाटा पसरा रहा। इसके साथ नगर बसें भी नहीं चली।
कृष्णानगर पंप पर पुलिस ने लगवाई लाइन
चकेरी के कृष्णा नगर स्थित गोपी पेट्रोल पंप पर भीड़ होने के कारण पहले पेट्रोल भरवाने को लेकर बवाल होने लगा। इसके बाद पहुंची पुलिस ने लोगों को समझकर लाइन लगवाई। यहां एक दर्जन से अधिक मौजूद पुलिसकर्मियों ने बारी-बारी से पेट्रोल भरवारा। हालांकि इसके बाद भी यहां पर हो हल्ला का दौर चलता रहा। इसी तरह रामादेवी संगम और लाल बंगला के पेट्रोल पंपों पर भी मारामारी देखने को मिली। लोगों को डर था कि कहीं पेट्रोल खत्म ना हो जाए और फिर उन्हें पेट्रोल ना मिले।