फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शराब पीते हैं और शुगर भी है, तो भूलकर भी इस खबर को नजरअंदाज न करें

Mon, 01 Apr 2019 11:24 AM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
प्रतीकात्मक फोटो
विज्ञापन
अगर किसी व्यक्ति को डायबिटीज है और वह शराब पीने का शौकीन है तो छह महीने में एक बार अल्ट्रासाउंड कराता रहे। इससे वह अग्नाशय (पैंक्रियाज) के रोग क्रोनिक पैंक्रेटाइटिस से बचा रहेगा। शुरुआती लक्षण में ही इलाज शुरू कर और शराब छोड़कर इससे बच सकता है। अचानक शुगर होना, शरीर में विटामिन की कमी होना, रतौंधी आना पैंक्रेटाइटिस के लक्षण हैं।
विज्ञापन


ये जानकारी कानपुर फिजीशियन एसोसिएशन (केपीए) के बैनर तले आयोजित कार्यशाला में दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि शराब पीने वाले 70 फीसदी लोगों में क्रोनिक पैंक्रेटाइटिस की दिक्कत हो जाती है।

कार्यशाला के पहले मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल कमेटी सभागार में सीनियर गैस्ट्रोइंटोलॉजिस्ट डॉ. वीके मिश्र और गैस्ट्रो सर्जन डॉ. ब्रजेंद्र सिंह ने पत्रकारों को बताया कि पैंक्रेटाइटिस पेट की असाधारण बीमारी है। पेट में तेज दर्द, पीलिया, गांठ, खून की उल्टी, बुखार आना भी इसके लक्षण हैं।

उन्होंने बताया कि अग्नाशय शरीर में वसा पचाता है। इंसुलिन के अलावा यह विभिन्न प्रकार के इंजाइम भी बनाता है। पैंक्रेटाइसिस होने से शरीर में इन तत्वों की कमी हो जाती है। रोगी का हाजमा खराब रहता है। थकान सी रहती है। डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि इस रोग में विटामिन डी, ई, के की कमी होती है और वसा गलाने वाले तत्व कम हो जाते हैं। इस मौके पर मेडिकल कालेज की प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी, केपीए के अध्यक्ष डॉ. डीके सिन्हा, सचिव डॉ. कुणाल सहाय मौजूद रहे।
विज्ञापन

महत्वपूर्ण तथ्य
- गाल ब्लैडर में स्टोन से युवाओं में क्रोनिक पैंक्रेटाइटिस के रोगी बढ़े।
- नई तकनीक से अग्नाशय की नलिया खोल निकाल दी जाती पथरी।
- कोलेस्ट्राल अधिक होने से भी हो सकता है पैंक्रेटाइटिस।
- बिगड़ी फूड हैबिट से बन रहा गाल ब्लैडर में स्टोन।
- पैंक्रेटाइटिस से कोशिकाएं नष्ट होने से होती है अचानक डायबिटीज।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें