जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. आरती लाल चंदानी की याचिका को इलाहाबाद हाईकोर्ट की दो सदस्यीय खंडपीठ ने खारिज कर दिया है।
कोर्ट में सरकारी वकील ने चिकित्सा शिक्षा के विभागीय मंत्री व सीएम अखिलेश यादव का वह पत्र भी दिखाया जिसमें उन्होंने डॉ. आरती लाल चंदानी के तबादले की अनुमति दी है।
कोर्ट ने विभागीय मंत्री की अनुमति और रिटायरमेंट की आयु पांच साल से ज्यादा होने को आधार बनाते हुए याचिका को खारिज कर दिया है।
डॉ. आरती लाल चंदानी ने कहा कि कोर्ट का आदेश मिलने के बाद वकीलों से राय लेंगी। कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाएंगी।
बता दें कि 11 फरवरी को मामले की सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से एडिशनल अटार्नी जनरल ने रिटायरमेंट की आयु पांच साल बढ़ाने बांदा में 13-14 लेक्चरर की नियुक्ति की जानकारी देकर सरकार का बचाव किया था।
डॉ. चंदानी के वकील ने बिना विभागीय मंत्री के अनुमोदन बीच सीजन ट्रांसफर पर सवाल उठाए थे। चिकित्सा शिक्षा के विभागीय मंत्री खुद सीएम हैं। हाईकोर्ट ने सरकार को अपना पक्ष रखने को 18 फरवरी का समय दिया था।
बुधवार को जस्टिस दिलीप कुमार और श्रीनारायण शुक्ल की पीठ ने डॉ. आरती लाल चंदानी तबादला प्रकरण की सुनवाई की। सरकारी वकील ने कोर्ट में सीएम के आदेश की कॉपी दिखाई। इसके बाद कोर्ट ने डॉ. चंदानी की याचिका को खारिज कर दिया।
डॉ. चंदानी के अधिवक्ता आरएस मिश्र और संतोष बाजपेई ने बताया कि याचिका खारिज हुई है। आदेश की पूरी कॉपी अभी मिली नहीं है। आदेश का पूरा अध्ययन किया जाएगा।