एक फार्म हाउस में रखवाली करने वाले वृद्ध दंपति की मंगलवार की देर रात धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। बुधवार को दोनों के शव खून से सने खेतों में पड़े मिले। घटना के समय दंपति के मासूम नातियों ने अपने को कमरे में बंद कर जान बचाई। घटनास्थल पर पुलिस अधीक्षक ने पड़ताल की। इधर, दंपति के बेटे ने अपनी सगी बहन समेत तीन लोगों पर हत्या का नामजद मुकदमा दर्ज कराया है। दिल को दहला देने वाली ये घटना यूपी के कानपुर देहात में गजनेर थाना क्षेत्र के दलपतपुर गांव की है।
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नयागंज, कानपुर निवासी अनिल मिश्रा का गंगरौली ग्राम पंचायत के मजरा दलपतपुर में फार्म हाउस की रखवाली दलपतपुर निवासी रामस्वरूप पासवान (60) और उनकी पत्नी छुन्ना देवी (58) करते थे। फार्म हाउस में बने नलकूप की कोठरी में दंपति के साथ नातिन सखी (7) और राज (5) रहते थे। मंगलवार की देरशाम बच्चे कमरे में, जबकि दंपति बरामदे में सो रहे थे। देर रात पहुंचे लोगों ने दंपति की पहले पीटा। पिटाई से दहशत से दोनों ने ने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया। हमलावारों ने धारदार हथियार से रामस्वरूप व उनकी पत्नी छुन्ना देवी पर कई वार किए। जिससे दोनों की मौके पर मौत हो गई।
प्रेमी के साथ मिलकर मां बाप की हत्या कर दी
रोते बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
दोहरे हत्याकांड की चर्चा से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। प्रधान रामकरन ने सूचना यूपी 100 पुलिस को दी। एसपी राधेश्याम कई थानों को फोर्स लेकर पहुंचे। डॉग स्क्वायड की मदद से हत्यारोपियों की तलाशने का प्रयास किया गया। थानाध्यक्ष रामफल प्रजापति ने बताया कि मृतक के बेटे बबलू ने अपनी बहन राखी और दुआरी गांव के दीपक और गंगरौली गांव के रामकृपाल पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
प्रथम दृष्ट्या रंजिशन हत्या किए जाने की बात सामने आ रही है। बुजुर्ग के बेट ने बताया है कि उसकी विवाहित बहन किसी के साथ चली गई है, उसके दोनों बच्चे नाना-नानी के पास रहते थे, जिन्हें लेने के लिए वह दबाव बना रही थी। मना करने पर उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर मां बाप की हत्या कर दी है। गहनता से छानबीन की जा रही है-राधेश्याम, पुलिस अधीक्षक
बेटी ने दी थी अंजाम भुगतने की धमकी
दोहरे हत्याकांड से फैली सनसनी, ग्रामीणों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
बेटी ने दी थी अंजाम भुगतने की धमकी
दलपतपुर गांव में दंपति की हत्या मामले में नामजद बेटी राखी ने अपने मां-बाप को अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। बुजुर्ग रामस्वरुप ने राखी की शादी दस वर्ष पूर्व अपने भांजे लालेपुर सचेंडी निवासी प्रेम कुमार से की थी। उसके दो बच्चे बेटी सखी (7) व बेटा राज (5) हैं। पति से विवाद होने के बाद वह मां बाप के पास फार्म हाउस में रहने लगी। चार माह पूर्व दुआरी गांव निवासी दीपक के साथ चली गई, और अपने बच्चों को छोड़ गई थी। बच्चों को लेने के लिए आई तो बुजुर्ग दंपति ने नातियों को देने से मना कर दिया। वह झगड़ा करके चली गई, और फोन पर अंजाम भुगतने की धमकी देेती रही।
नातिन ने सुनाई बेहरमी की दास्तां
नाना नानी पर हुए हमले के बाद खुद को भाई के साथ कमरे में बंद करने वाली मासूम बच्ची सखी (7) ने पुलिस को हत्यारों की बेरहमी की दास्तां सुनाई। बताया कि दो लोग डंडे से नाना को पीटने लगे। विरोध करने पर नानी को भी पीटा। चीखने की आवाज पर अपने व भाई के बचाव के लिए कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। काफी देर तक नाना नानी की चिल्लाने की आवाजें आती रहीं। आवाज थमने के बाद डर की वजह से बाहर नहीं निकली। काफी देर तक पुलिस के समझाने के बाद वह बोली थी।
घटना के बाद मौजूद पुलिस व क्षेत्रीय लोग
- फोटो : अमर उजाला
राखी बोली उसका कोई दोष नहीं
मृतक दंपति के तीन बेटे बबलू, छोटू, दीनबाबू व तीन बेटियां पूजा, राखी, सिलोचना हैं। बेटे बबलू, छोटू कानपुर में रहकर प्राइवेट नौकरी करते हैं जबकि छोटा बेटा दीन बाबू हैदराबाद में रहकर नौकरी करता है। कानपुर से बबलू व छोटू पहुंच गए। बबलू ने राखी को फोन करके घटना जानकारी दी और पिता की हत्या करने का आरोप लगाया तो बोली उसका कोई दोष नहीं है। उसने यह नहीं बताया कि वह कहां है। उसने अपने बच्चों से भी बात की।
मामा...नानी नानी कटे पड़े हैं
कानपुर में रहकर नौकरी करने वाले छोटू ने रोज की तरह की अपने मां बाप का हाल जानने के लिए सुबह 6:30 बजे फोन किया। फोन उसकी भांजी सखी ने उठाया और उठाते ही बोली मामा नाना नानी कटे पड़े हैं यह सुन उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने गंगरौली गांव के गोरे को फोन करके मौके पर जाने के लिए बोला। तब तक लोगों को दोहरे हत्याकांड की जानकारी नहीं थी। वह मौके पर पहुंचा तो वहां का नजारा देखकर उसकी चीख निकल गई। फोन कर उसने छोटू को घटना की जानकारी दी। इसके बाद दोनो भाई मौके पर पहुंचे।
अब इन मासूमों को कौन पालेगा
बेटी राखी के चाल चलन से उसके मां बाप परेशान थे। मृतकों के बेटे छोटू ने बताया कि बहन पति से विवाद के बाद वह अपने दोनों बच्चों को लेकर मां बाप के पास रहने लगी लेकिन उसकी आदतों में कोई सुधार नहीं हुआ। चार माह पूर्व वह दुआरी के युवक दीपक के साथ चली गई तो मां बाप पर उसके मासूम सखी व राज की परवरिश की जिम्मेदारी बढ़ गई। नाना नानी की हत्या के बाद मासूमों की परवरिश का सवाल खड़ा हो गया है। उन्हें आखिर अब कौन पालेगा। नाना नानी दोनों मासूमों से बहुत लगाव रखते थे।