कानपुर के चौबेपुर में मंगलवार सुबह विशंभर सिंह प्रताप सिंह महाविद्यालय के कैंपस में खेल रहे आठ साल के मासूम पर कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। बच्चे की चीख सुन मजदूरों ने कुत्तों को भगाकर बच्चे को निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे हैलट रिफर कर दिया गया। हैलट इमरजेंसी में भर्ती बच्चे की हालत बेहद गंभीर है।
चौबेपुर गढ़ेवा निवासी मजदूर मलखान सिंह का बेटा अखिलेश (8) एक निजी स्कूल में कक्षा एक का छात्र है। अखिलेश अपनी दादी पार्वती के साथ तातियागंज (चौबेपुर) ताऊ मान सिंह के पास आया था। मान सिंह, विशंभर सिंह प्रताप सिंह महाविद्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। वह कॉलेज परिसर में बने स्टाफ क्वार्टर में ही रहता है। अखिलेश सुबह क्वार्टर के बाहर खेल रहा था। तभी 12 खूंखार कुत्ते बच्चे पर अचानक टूट पड़े। मासूम की चीख सुन पास ही मजदूरी कर रहे राकेश ने अन्य मजदूरों की मदद से कुत्तों को खदेड़ा और अखिलेश को बचाकर पास के निजी अस्पताल ले भागे।
मंजर देख ठिठक गए पैर
बच्चे को बचाने वाले मजदूरों ने बताया कि जब वे अखिलेश को बचाने गए तो कोई कुत्ता उसका पैर जबड़े से पकड़ा था, तो कोई हाथ चबा रहा था। एक ने सिर तक दबा रखा था। कुत्तों के भगाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। जब बच्चे को देखा तो उनके पैर ठिठक गए। खून से लथपथ मासूम के सिर, हाथ, पैर व पेट में गंभीर घाव हो गए थे। हिम्मत जुटा मजदूर उसे अस्पताल ले गए।