फर्रुखाबाद के नवाबगंज क्षेत्र में इन दिनों कुत्तों का आतंक बढ़ गया है। इससे हर रोज औसतन तीस लोग शिकार हो रहे हैं। सीएचसी के आंकड़ों के अनुसार 17 दिन में करीब 500 लोगों को कुत्ते काट चुके हैं। हालात यह है कि नवाबगंज सीएचसी में एंटी रैबीज वैक्सीन एडवांस में मंगानी पड़ रही है।
ग्रामीण क्षेत्र में वैसे भी अन्ना गोवंश से लोग परेशान हैं, अब आवारा कुत्तोें ने आतंक मचा रखा है। हर रोज करीब 30 लोग शिकार हो रहे हैं। रैबीज फैलने से बचने को हर कोई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर रुख कर रहा है। सीएचसी के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले 14 फरवरी से गुरुवार तक करीब 500 लोग कुत्तों के शिकार हो चुके हैं।
सांकेतिक तस्वीर
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क्षेत्र के गांव रायपुर निवासी रवि, आशीष, हरदुआ निवासी विमल के अलावा अनिल कुमार, आशाराम, विकास कुमार, शिल्पी, सुमित, कृष्ण कुमार, आमोद, चंदन, प्रदीप कुमार, सरला देवी, सुरेश कुमार आदि मरीजों ने बताया कि गांव में आवारा कुत्ते अचानक हमला कर देतेे हैं।
मरीजों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 14 फरवरी को 27, 15 को 22, 17 को 42, 18 को 21, 19 को 17, 20 को 27, 22 को 46, 23 को 37, 24 को 25, 25 को 31, 27 को 34, 28 को 22, 29 को 32, दो मार्च को 42, तीन को 27, चार को 25 व पांच मार्च को 12 मरीजों ने पर्चे बनवाकर एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगवाए।
चिकित्सा अधीक्षक डा. सुमित शाक्य ने बताया की 14 फरवरी से एकाएक कुत्ता काटने के मरीजों की संख्या में बढ़ी है। एंटी रैबीज वैक्सीन की खपत को देखते हुए उन्हें मांगपत्र भेजकर एडवांस में वैक्सीन मंगानी पड़ी। अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में है। इंजेक्शन लगाने को स्टाफ को भी सक्रिय कर दिया गया।