वहीं, भोला की हालत गंभीर होने पर उसे हैलट रेफर कर दिया। मासूम की मौत के बाद परिजनों ने शव सड़क पर रखकर दादानगर फ्लाईओवर जाम कर दिया। इस दौरान लोग नगर निगम के रवैये को लेकर खासे नाराज थे। उनका आरोप था कि पहले भी कुछ लोगों को कुत्तों ने काटा था लेकिन नगर निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसी वजह से इतना बड़ा हादसा हो गया। वहीं हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। करीब आधे घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस ने उन्हें समझाकर फ्लाईओवर को एक तरफ कर पुल पर आवागम शुरू कराया।
मीट की अवैध दुकानों की वजह से जुटते हैं कुत्ते
हंगामा कर रहे लोगों ने बताया कि बस्ती के नजदीक ही अवैध रूप से मीट की कई दुकानें चल रही हैं। इसी वजह से दुकानों के आसपास कुत्तों का जमावड़ा रहता है और अक्सर मीट को लेकर कुत्ते हमलावर रहते हैं। इसके बावजूद नगर निगम ने न तो कुत्तों को पकड़ना जरूरी समझा, न ही अवैध दुकानों का संचालन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना जरूरी समझा।
कुत्तों को पकड़ने और अवैध मीट की दुकानों के खिलाफ कार्रवाई के लिए नगर निगम से पत्राचार किया जाएगा। परिजनों की तहरीर पर उचित कार्रवाई की जाएगी। - अमरनाथ यादव, एसीपी बाबूपुरवा