सरकारी डॉक्टरों को जन स्वास्थ्य प्रबंधन में एक साल का स्नातकोत्तर (पीजी) डिप्लोमा करना होगा। इसके लिए हर साल प्रदेश के दस डॉक्टरों को डिप्लोमा करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान भेजा जाएगा। इस पर प्रति डॉक्टर आने वाला 2.75 लाख रुपये का खर्च राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन देगा। 20 जून तक कोर्स के लिए आवेदन करना होगा। तीन अगस्त से क्लास शुरू होंगी। सीएमओ डॉ. रामायण प्रसाद यादव ने बताया कि कोर्स करने के इच्छुक डॉक्टरों से आवेदन मांगे गए हैं। जो आवेदन करेंगे उनकी सूची शासन को भेज दी जाएगी।
जन स्वास्थ्य गतिविधियों में सरकारी डॉक्टरों की अरुचि से शासन भी परेशान है। डॉक्टरों द्वारा परिस्थितियों को न संभाल पाने के कारण कई बार बवाल भी हो जाता है। जन स्वास्थ्य गतिविधियों की सरकारी डॉक्टरों को जानकारी देने के लिए भारत सरकार ने स्नातकोत्तर डिप्लोमा कोर्स शुरू किया है। इस कोर्स में एमबीबीएस डिग्री वाले डॉक्टरों को ही एडमिशन दिया जाएगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान के डायरेक्टर प्रो. जयंत के. दास ने प्रदेश के प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अरविंद कुमार को इस संबंध में पत्र भेजकर डॉक्टरों के नाम की सूची भेजने को कहा है।