कानपुर में न्यू ईयर पार्टी के बाद नशे में धुत होकर ब्वायज हॉस्टल-चार में इंटर्न छात्रों से मारपीट, तोड़फोड़ और हंगामा करने के आरोपी सर्जरी विभाग के छह जूनियर डॉक्टरों को छात्रावास से निष्कासित कर दिया गया है। उनके मेडिकल कालेज कैंपस में घुसने पर भी रोक लगा दी गई है।
इस संबंध में बुधवार दोपहर हुई एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक में प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी ने आदेश जारी किया। जांच कमेटी गठित कर दी गई है। यूजीसी एंटी रैगिंग सेल और महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा को भी रिपोर्ट भेज दी गई है।
मेडिकल कालेज के पैरा एच-2 इंटर्न बैच के छात्रों ने प्राचार्य से मंगलवार शाम लिखित शिकायत की थी कि सर्जरी विभाग के जूनियर डॉक्टरों ने हॉस्टल में घुसकर उन्हें मारा-पीटा और तोड़फोड़ की। इसके साथ ही इंटर्न छात्रों को ‘कम्प्लीशन’ न देने की भी धमकी दी थी।
प्राचार्य ने एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक बुलाई
इस पर बुधवार दोपहर प्राचार्य ने एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक बुलाई। शिकायती पत्र में छह जूनियर डॉक्टरों मनीष कुमार, मुनीश कुमार, सौरभ सिंह, विनीत, हिमांशु सिंह और रौनक मेहरोत्रा का नाम दिया गया था।
प्राचार्य ने इन जूनियर डॉक्टरों को छात्रावास से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया। प्राचार्य की अगुवाई में जांच कमेटी गठित की गई। इसमें एंटी रैगिंग कमेटी के उपाध्यक्ष डॉ. महेंद्र, प्रॉक्टर डॉ. जीडी यादव, सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. संजय काला, डॉ. संजय कुमार, डॉ. किरन पांडेय, डॉ. आनंद नारायण सिंह, डॉ. पूजा अग्रवाल समेत सभी वार्डन को शामिल किया गया है। प्राचार्य ने बताया कि जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद अगला निर्णय लिया जाएगा।