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कानपुर में तैनात सिपाही फंदे पर झूला, भाई ने कहा- विभागीय कार्यों का था तनाव

Wed, 02 Jan 2019 08:43 PM IST
प्रशांत कुमार क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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रोते बिलखते परिजन, सिपाही नीरज यादव की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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यूपी के फर्रुखाबाद जिले में कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव पदम नगला निवासी कानपुर में तैनात सिपाही ने विभागीय कार्यों के तनाव में आकर बुधवार को फांसी लगाकर जान दे दी। एक दिन पहले छुट्टी पर घर आया था। कमरे में पंखे से शव लटका मिला।
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गांव पदम नगला निवासी नीरज यादव पुत्र शेर सिंह को मृतक आश्रित में वर्ष 2008 सिपाही की नौकरी मिली थी। इस दिनों नीरज यादव (32) कानपुर पुलिस लाइन में तैनात था। मंगलवार को वह छुट्टी पर गांव आया था। बुधवार सुबह छोटे भाई पंकज के साथ नाश्ता किया। इसके बाद पंकज कॉलेज चला गया।

नीरज पत्नी से खाना बनाने की बात कहकर छत पर चला गया। खाना खाने के बाद करीब दस बजे पत्नी सोनी बर्तन लेने छत पर पहुंची तो वह कमरे में पंखे से लटका पति का शव देख चीख पड़ीं। शोर सुनकर परिजन व पड़ोसी भी पहुंच गए। परिजनों ने शव को फंदे से उतार लिया। सूचना पर कंपिल की यूपी 100 पुलिस पहुंच गई। 
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...इसके चलते शराब पीनी शुरू कर दी थी

सिपाही की पत्नी ने पूछताछ करते इंस्पेक्टर जसवंत सिंह व राधेश्याम यादव - फोटो : अमर उजाला
पंकज यादव ने बताया कि भाई विभागीय तनाव में रहते थे। अक्सर वह घर में जिक्र भी किया करते थे। इसके चलते उन्होंने शराब पीनी शुरू कर दी थी। तब से परिवार में कम बात करने लगे थे। सूचना पर इंस्पेक्टर जसवंत सिंह, इंस्पेक्टर राधेश्याम यादव, एसआई राकेश कुमार गुप्ता, महिला दरोगा मीनेष पचौरी पहुंच गए। उन्होंने परिजनों से पूछताछ की। पंकज ने शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए पुलिस को तहरीर दी। इसमें विभागीय तनाव का जिक्र किया है। दरोगा आरके गुप्ता ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
 
गांव पदमनगला निवासी सिपाही नीरज यादव के पिता शेर सिंह यादव पुलिस में सब इंस्पेक्टर थे। वह कानपुर के कल्यानपुर थाने में तैनात थे। 2003 में फर्रुखाबाद के रामनगरिया मेले में ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। 2008 में उनके बडे़ पुत्र नीरज यादव को मृतक आश्रित में सिपाही की नौकरी मिली थी। सिपाही का एक भाई और एक बहन है। बहन ममता शिक्षक है और उनकी शादी हो चुकी है। छोटा भाई पंकज एटा से बीटीसी कर रहा है।
   
भ्रम में पड़ गई पुलिस 
गांव पदमनगला कंपिल थाना क्षेत्र के गांव के आसपास है। सूचना पर कंपिल थाने की यूपी 100 पुलिस पहले ही पहुंच चुकी थी। दोनों थानों की पुलिस दो घंटे तक भ्रम में पड़ी रही। गांव पदमनगला कायमगंज क्षेत्र के न्यामतपुर ढिलावली का मजरा है। दोनों थानों की पुलिस तय नहीं कर पा रही थी कि गांव किस थाने का है। सूचना के दो घंटे बाद कायमगंज पुलिस पहुंची। तब पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू हुई।

 
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