मां-बाप अपने मासूम बच्चे के इलाज के लिए अस्पताल के डॉक्टरों के सामने गिड़गिड़ाते रहे लेकिन किसी का दिल नहीं पसीजा। उल्टा डॉक्टरों ने उन्हें लताड़ कर भगा दिया।
उत्तर प्रदेश के महोबा जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं पटरी से उतर गई हैं। जिला अस्पताल में नाक, कान, गला मर्ज के लिए स्थापित ईएनटी विभाग में औजारों का अभाव है। शनिवार को डेढ़ वर्ष की मासूम की नाक में चना फंस गया। इस पर अस्पताल पहुंचे परिजनों को चिकित्सक ने अभद्रता करते हुए भगा दिया। पीड़ित ने सीएमएस समेत उच्चाधिकारियों से मामले की शिकायत की है।
शहर के मोहल्ला भटीपुरा निवासी रईसउद्दीन खान की डेढ़ वर्षीय पुत्री फातिमा घर पर खेल रही थी। तभी खेलते समय चने का दाना मासूम की नाक में चला गया। परिजन मासूम को जिला अस्पताल लाए। इमरजेंसी में तैनात कर्मचारियों ने ईएनटी विभाग में जाने की सलाह दी। जहां तैनात डाक्टर ने मासूम को देखते ही झांसी ले जाने की बात कही। डॉक्टर ने बताया कि विभाग में कोई भी इस्ट्रूमेंट नहीं हैं। सिर्फ एक आटोस्कोप है। वह भी उन्होंने खरीदा है।
मामले की शिकायत परिजनों ने जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. उदयवीर सिंह से की। तब सीएमएस ने डॉक्टर को कार्यालय में बुलाकर जानकारी ली। जहां डॉक्टर ने इस्ट्रूमेंट न होने की बात कही और मरीज के परिजनों से अभद्रता करते हुए कही भी शिकायत करने की धमकी दी। पीड़ित मामले की शिकायत जिलाधिकारी, एडी स्वास्थ्य व स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के मुख्य सचिव से करते हुए डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।