दृष्टिहीन जहरुद्दीन, जारी किया गया दिव्यांग प्रमाणपत्र
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यूपी के फर्रुखाबाद जिले में स्वास्थ्य महकमे के कारनामे ने एक वृद्ध को मुसीबत में डाल दिया है। दृष्टिहीन वृद्ध को पैरों से दिव्यांग प्रमाणपत्र बना दिया। अब वह प्रत्येक सोमवार को सीएमओ कार्यालय के चक्कर काट रहा है, पर उसका प्रमाणपत्र सही नहीं हो पा रहा है। इससे उसकी पेंशन भी लटक गई है।
दृष्टिहीन वृद्ध को
कमालगंज विकास खंड के गांव भड़ौसा निवासी 70 वर्षीय जहरुद्दीन की दोनों ही आंखें खराब हैं। करीब दो माह पहले उन्होंने सीएमओ कार्यालय में नि:शक्त प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। डाक्टरों के पैनल ने उनकी जांच कर 25 जुलाई 2018 को दिव्यांग प्रमाणपत्र भी जारी कर दिया। यहां गौर करने वाली बात यह है कि दृष्टिहीन जहरुद्दीन को दोनों पैरों से दिव्यांग होने का प्रमाण पत्र जारी किया गया है।
अब यह चिकित्सा विभाग के अधिकारी ही बता सकते हैं कि ऐसा उन्होंने कैसे कर दिया। हालांकि इससे वृद्ध न ही दिव्यांग पेंशन के लिए आवेदन कर पा रहें हैं और न ही किसी अन्य काम में प्रमाण पत्र इस्तेमाल कर पा रहे हैं। पिछले कई सोमवार से वह सीएमओ कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें दूसरा प्रमाणपत्र जारी करने की बात कह कर टहला दिया जाता है।
गौरतलब है कि जहरुद्दीन के परिवार में कोई नहीं है। वह अपने घर में अकेले रहते हैं। उन्होंने बताया कि पड़ोस के लोग ही मदद कर देते हैं। उन्हीं के साथ यहां आते हैं। सोमवार को उनके साथ सीएमओ कार्यालय आए पड़ोसी इजाजुद्दीन ने बताया कि पिछले दो बार से वह ही उनके साथ आ रहे हैं, लेकिन कुछ नहीं हो रहा है।
वर्जन
हमारे यहां तैनात लिपिक मनीष कटियार की गलती से प्रमाणपत्र गलत बन गया था। अब मामला संज्ञान में आया है। जल्दी ही प्रमाणपत्र सही कर दोबारा से जारी किया जाएगा। -
अरुण कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी