विधायक श्याम प्रकाश ने किया पोस्ट
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सीधी बात और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बिना किसी का दवाब माने सोशल मीडिया पर अपने बयान के लिए चर्चित रहने वाले गोपामऊ के भाजपा विधायक श्याम प्रकाश फिर सुर्खियों में हैं। इस बार अलीगढ़ प्रकरण का हवाला देते हुए सम्मान और स्वाभिमान को सुरक्षित रखने के लिए थाने और अधिकारियों के पास विधायकों को न जाने की बात कही है।
एक कमेंट में उन्होंने यह भी कहा है कि पहले चलता था ठोंक देंगे और अब आ गया है तोड़ देंगे। यह भी लिखा है कि अब विधायकों को यूपी छोडऩा होगा। बुधवार को अलीगढ़ में विधायक के साथ पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने से संबंधित एक खबर को अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट करते हुए भाजपा विधायक श्याम प्रकाश ने लिखा है कि प्रोटोकॉल के अनुसार विधायक का दर्जा प्रदेश के मुख्य सचिव के बराबर है।
अपने सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा करनी है तो इस समय विधायकों को थाना तथा अधिकारियों के पास नहीं जाना चाहिए। यदि कोई अधिकारी गलत कर रहा है तो अपनी बात मीडिया या अन्य माध्यम से जिम्मेदारेां और जनता तक पहुंचाकर अपने कर्तव्य और जिम्मेदारी का निर्वहन करें।
विधायक ने यह भी लिखा है कि यह उनका व्यक्तिगत विचार है। कोई विधायक माने या न माने। विधायक की इस पोस्ट पर जब टिप्पणियां (कमेंट्स) शुरू हुईं तो विधायक ने इसके जवाब में भी कई टिप्पणी की। विधायक की पोस्ट पर अरुण दीक्षित नाम के व्यक्ति ने लिखा कि अब कैसे बोलेंगे कि चच्चा विधायक हैं हमारे, तो विधायक ने भी लिखा कि बोलना भी मत, पैसा दो इज्जत बचाओ।
विधायक की पोस्ट पर जिले के वरिष्ठ पत्रकार आमिर किरमानी ने भी कमेंट किया तो विधायक ने जवाब में लिखा कि अभी तक था ठोंक देंगे अब आया है तोड़ देंगे। एक अन्य जवाब में विधायक ने लिखा है कि लगता है कि अपराधियों के साथ अब विधायकों को भी यूपी छोडऩी पड़ेगी। कुल मिलाकर विधायक श्याम प्रकाश की पोस्ट ने पूरे जिले के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।