डीएम विशाख जी अय्यर बुखार से मरी पहली रोगी तन्नू के घर गए और परिजनों से बात की। इसके साथ ही बुखार रोगी मनोज, मुमताज अली, बल्लू, हरीपाल तथा पूर्व ग्राम प्रधान हरिशंकर के यहां गए।
कानपुर के नए जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर रविवार शाम कुरसौली गांव पहुंचे और लोगों से बात की। एक घर के बाहर कूलर रखा देखा तो रुक गए कि इसमें पानी तो नहीं है। डीएम को गांव के 15 घर बंद मिले तो इन घरों को खुलवाकर डेंगू से बचाव के लिए दवाओं का छिड़काव कराने को कहा।
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साथ ही बुखार के रोगियों का फॉलोअप करने और नए रोगियों की पूरी जांचें कराने के सीएमओ को निर्देश दिए। डीएम विशाख जी अय्यर बुखार से मरी पहली रोगी तन्नू के घर गए और परिजनों से बात की। इसके साथ ही बुखार रोगी मनोज, मुमताज अली, बल्लू, हरीपाल तथा पूर्व ग्राम प्रधान हरिशंकर के यहां गए।
ग्राम प्रधान अमित सिंह से उनकी चाची की मौत के संबंध में पूछा। लोगों को सलाह दी कि गांव में टैंकर खड़ा है, इसका पानी ही उबालकर पीएं। घरों में गंदगी न फैलने दें। सरकारी अस्पतालों में रोगियों के न जाने के संबंध में भी पूछा। इस पर लोगों ने बताया कि अचानक हालत गंभीर होने पर निजी अस्पताल गए।
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कुरसौली के लोगों को डीएम ने ढाढ़स बंधाया और कहा कि कोई तकलीफ होने पर उन्हें सूचना दें या ग्राम प्रधान को बताएं। सबसे पहले उन्होंने प्राइमरी स्कूल में लगे मेडिकल कैंप में अभिलेख देखें। रविवार को सात रोगी आए। इनमें तीन बुखार के थे और चार को बुखार उतरने के बाद कमजोरी रही है। इस मौके पर सीएमओ डॉ. नैपाल सिंह, सीएचसी प्रभारी डॉ. अविनाश गुप्ता, प्रेम शंकर, राजकुमार, प्रह्लाद गुप्ता आदि रहे।