कानपुर। हिस्ट्रीशीटर पिंटू सेंगर की हत्या के आरोप में जेल में बंद अधिवक्ता दीनू उपाध्याय के करीबी अधिवक्ता अनूप शुक्ला को जेल से बाहर आने के कुछ पलों बाद ही फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद न्यायालय में पेश करने के बाद पुलिस ने दोबारा जेल में दाखिल कर दिया। नौबस्ता पुलिस के अनुसार अनूप एक मामले में वांछित था। जमानत पर बाहर आने की जानकारी मिलने पर पुलिस पहले से जेल के बाहर सक्रिय हो गई थी।
गांधीनगर पीरोड निवासी अभिषेक मिश्रा ने 31 मई को रवि पांडेय, अतुल अग्निहोत्री, जनार्दन पांडेय, रामचंदर पासवान, दीनू उपाध्याय, नीरज दुबे व पांच-छह अज्ञात पर सीसामऊ थाने में रंगदारी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना में नवाबगंज निवासी अधिवक्ता अनूप शुक्ला, दीपक जादौन का नाम सामने आया था। अनूप के फरार होने पर कोर्ट ने कुर्की के आदेश दिए थे। 18 अगस्त को उसने कोर्ट में सरेंडर किया।
रविवार सुबह करीब आठ बजे अनूप जैसे ही जेल से रिहा हुआ। नौबस्ता पुलिस ने उसे 21 मई को कासिम रजा की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में धोखाधड़ी, धमकाने और रंगदारी के आरोप में फिर से गेट पर ही गिरफ्तार कर लिया। नौबस्ता थाना प्रभारी बहादुर सिंह ने बताया कि आरोपी को एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया गया था। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।