दिलीप कुमार के अंदर घमंड जरा सा भी नहीं था। वह बहुत ही सरल स्वभाव के थे और ज्यादा से ज्यादा परिवार में समय बिताते थे। उन्हें कानपुर का शीरमाल और कबाब बहुत पसंद था। ये बातें दिलीप के रिश्तेदार स्वरूप नगर निवासी तारिक इब्राहिम व उनकी पत्नी वासिया इब्राहिम ने बताई।
वासिया इब्राहिम के बताया कि चाचा फजल हलीम और दिलीप कुमार दोस्त थे। इसलिए दोनों के संबंध एक परिवार की तरह थे। जब भी दिलीप कुमार कानपुर या आसपास के जिलों में आते तो इनके घर जरूर आते थे। तारिक इब्राहिम ने बताया कि दिलीप कुमार शूटिंग के अलावा पूरा समय घर परिवार के बीच ही देना पसंद करते थे।
ऐसे में जब पुरानी बातें छिड़तीं तो घंटों की फुर्सत हो जाती थी। एक बार जो भी कोई उनसे मिलता तो फैन हो जाता था। उनके स्वभाव को लेकर चर्चाएं हमेशा होती रहती हैं। हम लोगों के मुंबई जाने पर शूटिंग से छूटते ही मिलने घर आते थे।
वह मीट खाने के ज्यादा शौकीन थे। उनके आने पर नॉनवेज पार्टी होती थी। उन्हें कानपुर का शीरमाल और कबाब बहुत पसंद था। जब हम लोग कभी मुंबई जाते थे तो उनके लिए शीरमाल और कबाब लेकर जाते थे।