कानपुर। जल निगम पार्षदों को बिना बताए सड़कें खोद रहा है। पाइप भी पतले डाल रहा है। यह समस्या पार्षदों ने नगर निगम मुख्यालय में हुई बैठक में महापाैर के सामने रखी। मुख्य अभियंता सैय्यद फरीद अख्तर जैदी ने कहा कि जलनिगम ने बिना अनुमति के कई सड़काें को खोद दिया है। उन्हें नोटिस भी दिया गया, लेकिन जवाब नहीं मिला।दक्षिण क्षेत्र के 13 वार्डों में जल निगम का ठेकेदार पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदाई करा रहा है।
बैठक में पार्षदों ने बताया कि बर्रा दो की गलियों में 200 एमएम की सीवर लाइन डाल रहे हैं जबकि पूर्व से केडीए की ओर से 200 से 250 एमएम की लाइन पड़ी हुई है। अब बड़ी लाइन पड़नी चाहिए थी क्योंकि आबादी अब बढ़ गई है। भविष्य में सीवर लाइनों पर दबाव पड़ेगा और लाइनें ध्वस्त हो जाएंगी। पार्षदों ने बताया कि जेसीबी से खोदाई की वजह से केबल, गैस लाइन, पानी की लाइन टूटने का खतरा बना हुआ है। वहीं, अविकसित क्षेत्रों में सीवर लाइन पहले बिछाने की मांग की गई।
नौरैयाखेड़ा, दबौली में घरेलू जल, मल नहर में जाने की जानकारी पार्षद ने दी। सीवर के चैंबर 30 मीटर पर बनाए जा रहे हैं। इससे सफाई नहीं हो पाएगी। महापौर ने सीवर लाइन डाले जाने की निविदादाता फर्म एलसी इंफ्रा के जीएम पंकज गुर्जर व जलनिगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्षेत्र में जब काम करें तो पार्षद को जरूर अवगत कराएं और पार्षदों को नक्शा उपलब्ध कराएं। ज्यादातर काम सड़काें की कास्ट ज्यादा होती और जनता को सड़क खोदाई से परेशानी होती है। निगम से अनुमति लेने के बाद ही काम शुरू कराया जाए। बैठक में पार्षद अखिलेश बाजपेयी, सुधीर यादव, अनिल यादव, सतीश, संतोष साहू, योगेंद्र के अलाव अधिशासी अभियंता तुल्लिका श्रीवास्तव सहित अन्य मौजूद रहे।
जलनिगम के अधीक्षण अभियंता राजेंद्र सिंह ने बताया कि दक्षिण क्षेत्र में 414 करोड़ रुपये की लागत से 440 किमी सीवर लाइन डाली जानी है। 324 किमी लाइन का साइज बदलने का प्रकरण आया है। उसे तकनीकी प्रक्रिया से सर्वे कराया जाएगा।
इन वार्डों में बिछाई जा रही लाइन
वार्ड 7, 9, 21, 34, 45, 51, 55, 65, 72, 77, 70, 82, 87