यह एक तरह की शील्ड होती है। इससे एंटीबायोटिक का प्रभाव घाव में नहीं जा पाता और बैक्टीरिया पनपा करते हैं। बैक्टीरियाफाज वाली यह नई दवा शील्ड को तोड़ देते हैं। वायरस घातक बैक्टीरिया को खा जाते हैं। इसके साथ ही एंटीबायोटिक भी असर करती है।
इससे घाव जल्दी भर जाता है। उन्होंने बताया कि इस दवा का इस्तेमाल संबंधी शोध देश के 20 केंद्रों पर होगा। इसमें एक सेंटर हैलट में बनेगा। शोध में डायबिटिक फुट के 20 रोगियों को शामिल किया जाएगा। जनवरी वर्ष 2023 में इसे शुरू किया जाएगा।