चार मार्गों में से किसी से भी इस पुल पर चढ़ा-उतरा जा सकेगा
इससे अनवरगंज-मंधना रूट पर एलिवेटेड रेलवे ट्रैक बनने का रास्ता भी साफ हो गया है। डिजाइन के अनुसार पुल पर चढ़ने-उतरने के लिए चार रैंप बनेंगे। मतलब चार मार्गों में से किसी से भी इस पुल पर चढ़ा-उतरा जा सकेगा। इनमें से कालपी रोड और टाटमिल की जाने वाली जीटी रोड पर 15 मीटर चौड़े रैंप बनेंगे। वहीं, गोल चौराहे की तरफ जाने वाली जीटी रोड और संगीत टॉकीज होते हुए घंटाघर जाने वाले मार्ग पर 7.5 मीटर के रैंप बनेंगे। स्वीकृति मिलने से लेकर धनावंटन आदि तय समय पर हुआ तो इसका निर्माण ढाई से तीन साल में पूरा हो जाएगा।
1200 करोड़ से बनना है एलिवेटेड ट्रैक
अनवरगंज रेलवे स्टेशन से मंधना जाने वाले रेलवे ट्रैक पर पड़ने वाली 17 रेलवे क्रॉसिंग घंटों बंद रहती हैं। इस वजह से जरीबचौकी सहित अन्य सभी क्रॉसिंगों पर वाहनों की लंबी कतारें लगती हैं। शहर को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए इस रेलवे रूट एलिवेटेड करने की योजना बनाई गई है। 1200 करोड़ रुपये की लागत से जरीबचौकी के पास से आईआईटी तक एलिवेटेड ट्रैक बनाया जाना है। योजना को रेलवे बोर्ड भी सैद्धांतिक सहमति दे चुका है। साथ ही इसे गति शक्ति मिशन में शामिल किया गया है।
बार-बार फंसे पेंच, फिर निकला अंतिम हल
लंबी कवायद के बाद इसके निर्माण में अतिव्यस्त जरीबचौकी क्रॉसिंग पर आरओबी को लेकर अड़ंगा लग गया था। सेतु निगम ने क्रॉसिंग पर आरओबी निर्माण के लिए बने प्रस्ताव को दो महीने पहले खारिज कर दिया था। इसके बाद एलिवेटेड रेलवे ट्रैक को जरीबचौकी क्रासिंग के ऊपर से अनवरगंज स्टेशन तक बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया। उसमें लागत करीब 300 करोड़ रुपये बढ़ रही थी। इसलिए इसे भी खारिज कर दिया गया। अब सेतु निगम इसी क्रॉसिंग पर आरओबी निर्माण के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर रहा है, जो फाइनल हो गया है।
जरीबचौकी रेलवे रेलवे क्रॉसिंग पर बनने वाले आरओबी में चार रैंप बनेंगे, जो इसे कालपी रोड, जीटी रोड और घंटाघर रोड से जोड़ेंगे। डीपीआर चार-पांच दिन में तैयार हो जाएगा। कोशिश की जा रही है कि जरीब चौकी क्रॉसिंग और गुमटी नंबर-5 क्रॉसिंग के बीच से एलीवेटेड रेलवे ट्रैक शुरू हो, ताकि जरीबचौकी रेलवे क्रॉसिंग से भी वाहनों का आवागमन होता रहे। -विजय कुमार सेन, परियोजना निदेशक, सेतु निगम