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डिरेल हुई मालगाड़ी: डीएफसी छोड़ मेन लाइन पर क्यों दौड़ाई, डिप्टी सीटीएम कार्यालय में शुरू होगी जांच

Mon, 18 Oct 2021 03:28 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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दिल्ली-हावड़ा रूट पर डिरेल हुई थी ट्रेन - फोटो : amar ujala
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डीएफसी (डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर) के बजाय मेन लाइन पर मालगाड़ी के चलने की जांच होगी। सोमवार को कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर डिप्टी सीटीएम ऑफिस में रेलवे के अधिकारी जांच करेंगे और संबंधितों के बयान दर्ज किए जाएंगे। रूरा के पास मालगाड़ी पलटने से यातायात बाधित रहा था। 
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सबसे बड़ा सवाल है कि इस सेक्शन पर डीएफसी ट्रैक का काम पूरा है और मालगाड़ियां भी आती जाती हैं। इसके बावजूद मेन ट्रैक पर यात्री ट्रेनों के साथ मालगाड़ी क्यों चलाई जा रही थी। यह भी जांच का विषय है कि अगर उस सेक्शन में समस्या थी कि तो इतना बड़ा रेल हादसा किसी यात्री ट्रेन का भी हो सकता था। 

दिल्ली-हावड़ा रेलवे लाइन को हजारों करोड़ रुपये खर्च कर विकसित किया जा रहा है। लगातार मेंटेनेंस का काम चल रहा है। ऐसे में दिल्ली-कानपुर के मेन सेक्शन पर इतना भीषण रेल हादसा कैसे हुआ। इसमें इंजीनियरिंग विभाग की गलती है या फिर मेकैनिकल विभाग की चूक है। इसकी भी जांच की जाएगी।
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सुबह-शाम डीएफसी पर होता है ब्लॉक
डीएफसी पर ब्लॉक की वजह से मालगाड़ियों का संचालन सुबह-शाम बंद रहता है। सुबह सात से 11 बजे तक अप लाइन यानी भाऊपुर से खुर्जा के बीच ब्लॉक होता है और दोपहर दो से शाम छह बजे तक डाउन लाइन पर खुर्जा से भाऊपुर तक ब्लॉक होता है।

इस दौरान डीएफसी के इंजीनियर ट्रैक की मरम्मत का काम करते हैं। लेकिन, मेन रेलवे लाइन पर मालगाड़ी सुबह चार बजे पलटी, जब कोई ब्लॉक नहीं था। इस तरह मालगाड़ी डीएफसी ट्रैक पर आनी चाहिए थी। इसके बावजूद इसे भारतीय रेलवे की मेन लाइन से क्यों लाया जा रहा था। इससे बड़ा नुकसान हुआ है।

मालगाड़ी पलटने की घटना बड़ी है। इस मामले की जांच हो रही है। डीआरएम प्रयागराज मंडल ने कमेटी नामित की है। वह अपने स्तर से जांच करेगी। अभी डीएफसी खुर्जा से भाऊपुर तक बना है। इसलिए डीएफसी और मेन लाइन दोनों पर मालगाड़ियों का संचालन हो रहा है। तमाम मालगाड़ियां डीएफसी पर शिफ्ट हैं। जांच में सभी बिंदुओं पर फोकस होगा।
डॉ. शिवम शर्मा, सीपीआरओ, उत्तर मध्य रेलवे

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