कानपुर में डेंगू का फैलाव थम नहीं रहा है। उर्सला और जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब में कुल 350 सैंपलों की जांच की गई, जिनमें 51 पॉजिटिव निकले। सैंपलों का पॉजिटिविटी रेट 14.57 फीसदी हो गया है। विभिन्न ब्लॉकों में लगे मेडिकल कैंप में 841 रोगी देखे गए। इनमें 16 रोगी डेंगू संदिग्ध पाए गए।
रोगियों का सैंपल डेंगू की जांच के लिए भेजा गया है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, अस्पतालों में कुल 73 रोगियों का इलाज चल रहा है। इनमें 53 रोगियों को सत्यापित किया गया है। डेंगू के कुल एक्टिव केस की संख्या 159 हो गई है। एसीएमओ और संचारी रोग प्रभारी डॉ. आरएन सिंह ने बताया कि 51 रोगियों में नगर के 31 रोगी हैं। 20 डेंगू रोगी दूसरे जिलों के हैं।
डेंगू डेडिकेटेड हॉस्पिटल मान्यवर कांशीराम संयुक्त चिकित्सालय में डेंगू का सिर्फ एक रोगी भर्ती है। इसके अलावा एक बच्चा समेत चार वायरल फीवर के रोगियों का इलाज चल रहा है। सीएमएस डॉ. स्वदेश गुप्ता का कहना है कि जो भी बुखार का रोगी आता है, उसकी डेंगू जांच करा ली जाती है।
वहीं, उर्सला अस्पताल में भर्ती 16 डेंगू रोगियों में से सात रोगी शनिवार को डिस्चार्ज हो गए। यहां बुखार के रोगियों की संख्या 36 है। अस्पताल के निदेशक डॉ. सुशील प्रकाश ने बताया कि सभी रोगियों की स्थिति स्थिर है। हैलट में डेंगू के सात रोगी भर्ती हैं। इनमें छह बच्चे हैं। इसके साथ ही 30 बुखार के रोगियों का इलाज चल रहा है। वायरल फीवर का कोई भी रोगी शॉक की स्थिति में नहीं है। इसके अलावा बाकी डेंगू रोगियों का इलाज निजी अस्पतालों में चल रहा है।