कानपुर की अधिकतर शराब की दुकानों पर लगे ताले
बुधवार को शराब कारोबारियों ने कानपुर के जिलाधिकारी आवास का घेराव कर सुरक्षा मांगी। पब्लिक का विरोध देख सैकड़ों शराब की दुकानों में ताला लग गया है। इससे हर रोज करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
यूपी के कानपुर महानगर में अंग्रेजी, देशी शराब और बियर की 720 दुकानें थीं। सुप्रीम कोर्ट के शराब की दुकानों को हाईवे से पांच सौ मीटर दूर करने के आदेश से जिले की 260 दुकानें प्रभावित हुईं। इस पर 42 शराब की दुकानों के लाइसेंस सरेंडर कर दिए गए। बाकी की ज्यादातर दुकानें शिफ्ट होने की प्रक्रिया शुरू होते ही पब्लिक का विरोध शुरू हो गया। यह विरोध शिफ्टिंग वाली दुकानों तक ही सीमित न रहकर पुरानी दुकानों पर भी गाज बनकर गिरा।
आबकारी अधिकारी ने बताया कि बची हुईं 460 दुकानों में से करीब 300 दुकानों पर पब्लिक के विरोध के कारण ताला लग गया है। मारपीट, तोड़फोड़ और लूट की घटनाओं से सेल्स मैन ने दुकानें खोलने से इनकार कर दिया है। आबकारी अधिकारी देवराज सिंह का कहना है कि जिले की 720 दुकानों में से 160 ही दुकानें खुल रही हैं। बची हुई 560 दुकानों में से 42 दुकानदारों से लाइसेंस सरेंडर कर दिया है। इस तरह सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन और पब्लिक के विरोध के कारण 518 दुकानों पर ताला लग गया है। उधर डीएम कौशलराज शर्मा इस मामले को लेकर शराब कारोबारियों के साथ बैठक करने वाले हैं।