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इंजेक्शन लगाने के बाद वृद्ध की मौत, हंगामा-तोड़फोड़, डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

Thu, 27 Sep 2018 07:33 PM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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हंगामा करते घरवालों को समझाते कोतवाली प्रभारी अरुण द्विवेदी - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में कूल्हे की हड्डी टूटने पर ऑपरेशन के लिए चार दिन पहले भर्ती हुए वृद्ध की बुधवार रात करीब दो बजे इंजेक्शन लगाने के कुछ देर बाद ही मौत हो गई। घर वालों ने कंपाउंडर पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। नर्सिंगहोम में तोड़फोड़ भी की। पुलिस ने आक्रोशित लोगों को शांत कराने का प्रयास किया लेकिन वह डॉक्टर पर मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर अड़ गए। बेटी की तहरीर पर पुलिस ने नर्सिंगहोम के संचालक डॉक्टर और उनकी डॉक्टर पत्नी पर इलाज में लापरवाही का मुकदमा दर्ज किया है। एसपी के निर्देश पर दो डॉक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम भी कराया गया। 
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अजगैन कोतवाली के गांव सरांय कटियान निवासी ओमप्रकाश (61) एक सीमेंट कंपनी में काम करते थे। एक साल पहले ही सेवानिवृत्त हुए थे। 24 सितंबर को घर में गिरने से उनके दाहिने पैर का कूल्हा टूट गया था। घर वालों ने आवास-विकास कालोनी स्थित मुस्कान हास्पिटल में भर्ती कराया था। बेटी पूजा के मुताबिक नर्सिंगहोम संचालक डा. अखिलेश सिंह ने 80 हजार रुपये ऑपरेशन के बताए थे। 20 हजार रुपये पहले ही जमा करा लिए थे।

बेटी के मुताबिक डॉक्टर ने ऑपरेशन के बाद मुख्यमंत्री सर्वहित किसान बीमा योजना में कुछ छूट देने की बात कही थी। बुधवार रात 8 बजे कूल्हे का ऑपरेशन किया था। दो घंटे बाद उन्हें वार्ड में शिफ्ट कर दिया। कुछ देर बाद ओमप्रकाश ने घरवालों से बातचीत भी की। रात करीब डेढ़ बजे नर्सिंगहोम के कंपाउंडर कुलदीप व मोनू ने पंद्रह मिनट के अंतराल में दो इंजेक्शन लगाए। दूसरा इंजेक्शन लगने के करीब आधे घंटे बाद ओमप्रकाश की हालत बिगड़ गई और मौत हो गई।
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इलाज में नहीं बरती लापरवाही, परिजनों ने की तोड़फोड़  

नर्सिंगहोम मे हुई तोड़फोड़, कोतवाली प्रभारी अरुण द्विवेदी - फोटो : अमर उजाला
घर वालों के मुताबिक डा. अखिलेश को कई बार बुलाया गया लेकिन वह नहीं आए। कंपाउंडर ने भागने का प्रयास किया। जिसे पकड़ने के प्रयास में दरवाजे के शीशे भी टूट गए। सूचना मिलते ही परिवार के तमाम लोग पहुंच गए। करीब छह घंटे तक समझौते का प्रयास चलता रहा लेकिन परिजन नहीं माने। गुरुवार सुबह आठ बजे मृतक की बेटी पूजा की तहरीर पर नर्सिंगहोम संचालक डा. अखिलेश सिंह और उनकी पत्नी डा. रेखा सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद घर वाले शव का पोस्टमार्टम कारने को तैयार हुए। कोतवाल अरुण कुमार द्विवेदी ने बताया कि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। 

हार्टफेल होने की पुष्टि
परिजनों की मांग पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम पैनल से कराने के साथ ही वीडियोग्राफी कराई। पैनल में बांगरमऊ सीएचसी के डा. अशोक कुमार सिंह व ब्यौली इस्लामाबाद न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डा. रमन सिंह शामिल थे।  रिपोर्ट में हार्ट अटैक से मौत होने की बात सामने आई है। 

इलाज में नहीं बरती लापरवाही, परिजनों ने की तोड़फोड़  
हास्पिटल संचालक डा. अखिलेश सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री सर्वहित किसान बीमा योजना के तहत कैशलेश इलाज चल रहा था। इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई है। रात करीब दो बजे हालत बिगड़ी है। सूचना के पांच मिनट के अंदर ही वह मरीज को देखने पहुंच गए थे। हार्ट अटैक हुआ था। मरीज को बचाने का हर संभव प्रयास किया गया लेकिन सफलता नहीं मिली। उनका कहना था कि परिजनों ने नर्सिंगहोम में तोड़फोड़ की है। वह उनके खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराएंगे।
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