कानपुर। होली खेलने के लिए घर से निकले फूड डिलीवरी मैन की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। जबकि, पुलिस हादसे में मौत होने की बात कह रही है। शरीर पर चोटों के निशान हैं। पुलिस आरोपों की जांच कर रही है।
जवाहरनगर बालाजी चौक निवासी राजेश कुमार का बेटा रत्नेश गुप्ता (28) फूड डिलीवरी का काम करता था। चाचा राकेश के अनुसार, होली पर रात आठ बजे वह स्कूटी से निकला था। दस बजे छोटे भाई रितेश ने फोन किया तो उसने कहा नौबस्ता में हैं। कुछ देर बाद फिर फोन किया तो ट्रांसपोर्ट नगर में होने की बात कही। 11 बजे दादी ने फोन किया, तो कहा कि पेट्रोल खत्म हो गया है।
इसके कुछ देर बाद भाई के पास फोन आया तो कहा बचाओ बचाओ.. मेरे पैर में चोट लग गई है और फोन कट गया। नजीराबाद थाने में प्रार्थना पत्र दिया तो पुलिस ने सोशल मीडिया पर मैसेज प्रसारित कर दिया। दूसरे दिन बिधनू के रमईपुर में रत्नेश का शव मिला तो पुलिस ने अज्ञात में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दोपहर में परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस जाकर शव की शिनाख्त की।
चाचा के अनुसार, रत्नेश की पीठ, हाथ और शरीर पर कई चोटों के निशान हैं। पूरी पीठ नीली है। आशंका जताई कि उसे बड़ी बेरहमी से पीटा गया है। स्कूटी में खरोंच तक नहीं है। मोबाइल गायब है। जो एक बार चालू हाेने के बाद फिर से बंद हुआ है। पिता ने बिधनू थाने में हत्या की आशंका जताकर तहरीर दी है। वहीं, पुलिस रत्नेश के दोस्तों और मोबाइल की सीडीआर की जांच कर रही है।