देश में डिफेंस का बजट जरूर बढ़ाया गया है लेकिन रिसर्च का मामला वहीं का वहीं ठप पड़ा है। यह कथन पूर्व रक्षामंत्री एके एंटनी के वैज्ञानिक सलाहकार रहे प्रो. वीके अत्रे ने कही। उन्होंने कहा यदि सीमा पर एडवांस और स्मार्ट सेंसर लगाए गए होते तो उड़ी में आतंकी गतिविधियों की सटीक जानकारी मिल सकती थी। सेंसर की मदद से किसी भी तरह की सूचना हासिल की जा सकती है। अब सेना को तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाना होगा।
कानपुर में इंस्टीट्यूट ऑफ स्मार्ट स्ट्रक्चर एंड सिस्टम (आईएसएसएस) की तीन दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन प्रो. वीके अत्रे ने किया। साथ ही जम्मू कश्मीर के उड़ी में आतंकवादी हमले और जवानों की मौत से संबंधित सवाल का जवाब दिए।
भारत में सेंसर का बाजार अच्छा नहीं है। विदेशों में सेंसर का बाजार 10 मिलियन डॉलर का है। अब रिसर्च इंस्टीट्यूट, सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों को आगे आना होगा, तभी सेंसर का प्रोडक्शन बढ़ेगा। दुनिया के अन्य बाजारों में जगह मिल सकेगी। सेंसर के जरिये मनुष्य की समस्याओं को दूर किया जा सकता है।