कानपुर। सरकारी तंत्र की सुस्ती और अफसरों की लापरवाही के कारण जरीबचौकी पुल का निर्माण साढ़े 10 महीने बाद भी शुरू नहीं हो पाया। शासन ने पिछले वर्ष 24 अप्रैल को निर्माण के लिए पहली किस्त जारी की थी। जल निगम व अन्य विभागों के निर्माण स्थल से यूटिलिटी शिफ्टिंग न करने की वजह से शिलान्यास नहीं हो पाया।
जरीबचौकी रेलवे क्राॅसिंग पर शहर का पहला चार-लेन का पुल बनेगा। पुल में चार रैंप होंगे जो चारों तरफ उतरेंगे। एक रैंप रेलवे क्राॅसिंग से कालपी रोड की ओर, दूसरा जीटी रोड पर गोल चौराहे की तरफ, तीसरा जीटी रोड पर टाटमिल चौराहे की तरफ और चौथा रैंप संगीत टाकीज रोड पर उतरेगा। पुल के पास बहुप्रतीक्षित एलिवेटेड रेलवे ट्रैक का निर्माण भी शुरू होगा है।
निर्माण स्थल पर जल निगम की सीवर लाइनें, पाइपलाइनें, जलकल की पाइपलाइनें, केस्को और संचार कंपनी की केबल, ट्रैफिक सिग्नल और सीयूजीएल की गैस पाइपलाइन पड़ी है। सभी लाइनों को शिफ्ट करने के साथ ही अवैध कब्जे टूटने हैं। इसके लिए सेतु निगम संबंधित विभागों को पत्र लिखने के साथ ही कई बार रिमाइंडर भी भेज चुका है लेकिन अभी तक कुछ चीजें ही शिफ्ट हो पाई हैं। सेतु निगम के अनुसार निर्माण में सबसे बड़ा रोड़ा जल निगम (नगरीय) की गहरी सीवर लाइन है जिसके टेंडर ही फाइनल नहीं हो पाए हैं। अन्य विभाग गहरी सीवर लाइन शिफ्ट होने के बाद यूटिलिटी शिफ्ट करने की बात कह रहे हैं। सेतु निगम ने आरओबी के निर्माण के लिए छह महीने पहले टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली थी। ठेका ऋषिकेश की कंस्ट्रक्शन कंपनी हिंगवेज कंस्ट्रक्शन को मिला है। कंपनी का कहना है कि निर्माण स्थल का कब्जा मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। वहीं, लोग रोजाना क्रॉसिंग पर हर समय लगने वाले जाम से दो-चार हो रहे हैं।