फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सेप्टीसीमिया से दो की मौत, उमस से घट रही प्रतिरोधक क्षमता, रोगियों के लिए खतरनाक साबित हो रहा मौसम

Tue, 02 Jul 2019 11:07 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
बीमारी (सांकेतिक तस्वीर)
विज्ञापन
कानपुर उमस भरा मौसम पुराने रोगियों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। शरीर में पोटेशियम-सोडियम की कमी होने से प्रतिरोधक क्षमता घट रही है। इससे संक्रमण गंभीर रूप अख्तियार कर ले रहा है। मंगलवार को दो रोगियों की सेप्टीसीमिया से मौत हो गई।
विज्ञापन


आंतों का संक्रमण पूरे शरीर में फैल गया। डॉक्टरों का कहना है कि उमस के कारण वायरल और बैक्टीरियल दोनों संक्रमण फैल रहे हैं। शरीर में पानी की कमी होते ही गैस्ट्रोइंटाइटिस के मरीज बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही वायरल फीवर का भी प्रकोप बना हुआ है।

 
विज्ञापन

डॉक्टरों का कहना है कि यह मौसम डायबिटीज, लिवर, गुर्दा और हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों के लिए अधिक खतरनाक है। पसीना अधिक निकलने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इस वजह से शरीर में बैक्टीरिया और वायरस सक्रिय हो जाते हैं।

मंगलवार को जाजमऊ नई चुंगी क्षेत्र के रहने वाले राजकुमार कश्यप (65) की सेप्टीसीमिया से मौत हो गई। इसके अलावा कल्याणपुर में रह रहे फर्नीचर कारीगर जुनैद (48) की मौत हुई है। उनका इलाज हैलट ओपीडी स्तर पर चल रहा था। भाई जावेद ने बताया कि जुनैद का हार्निया का ऑपरेशन हुआ था।

दो महीने बाद फिर पेट में दर्द उठा। सुबह तबियत बिगड़ी तो हैलट लाया गया लेकिन मौत हो गई। इसी तरह सेप्टीसीमिया के अन्य रोगियों को उर्सला आईसीयू में भी भर्ती किया गया है। आईसीयू प्रभारी डॉ. शैलेंद्र तिवारी का कहना है कि ऐसे में रोगी शरीर में पानी की कमी न होने दें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें