हमीरपुर जिले के कुनेहटा गांव में तीन बच्चों की डूबकर मौत होने से परिजनों में गमगीन है। रोते बिलखते परिजन एक ही बात दोहराते दिखे कि बच्चों को अमृत सरोवर मौत खींचकर ले गई। वहीं दूसरे मोहल्ले की तरफ कभी नहीं जाते थे। वहीं, दीपांशु की मौत से घर का इकलौता चिराग बुझ गया।
मरने वाले तीनों बच्चों के पिता मजदूर है। ग्राम प्रधान रामराज ने बताया कि मृतक दीपांशु का पिता धापूचंद्र गांव स्थित गोशाला में काम कर परिवार पालता है। इसके अलावा मोहित व विक्की के पिता भी मनरेगा में काम कर परिवार चलाते है। सभी बहुत छोटे काश्तकार है।
दीपांशु अपने घर का इकलौता बेटा था। दो बहनें आकांक्षा और मीनाक्षी है। वहीं मोहित तीन भाइयों में सबसे छोटा था, जबकि विक्की दो भाइयों में छोटा था। तीन मौतों से गांव में भी मातम छाया रहा। लोगों हादसे को लेकर ही चर्चाएं करते रहे। मृतकों के परिजनों की हालत देख हर आंख नम हो गई।
उपयोग को मिट्टी ले जाने से बने गड्ढे
प्रधान ने बताया कि बीते वर्ष अमृत सरोवर की खोदाई कराई थी। मौजूदा में तालाब में करीब चार से पांच फीट पानी है। बताया कि गर्मियों में तालाब सूखने पर घरों में उपयोग के लिए महिलाएं मिट्टी खोद ले जाती है। जिससे जगह-जगह गड्ढे हो जाते है। बच्चे उन्हीं गड्ढ़ों में पहुंचकर डूब गए।
सदर विधायक ने परिजनों को दी सांत्वना
घटना की सूचना पाकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे सदर विधायक डॉ. मनोज प्रजापति ने गमगीन परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने उनकी हर संभव मदद दिलाने का भी भरोसा दिलाया। वहीं, आसपड़ोस के लोग भी परिजनों को ढांढस बंधाते रहे।
तीनों हम उम्र और सातवीं कक्षा के छात्र थे
बता दें कि बिवांर थाना क्षेत्र के कुनेहटा गांव स्थित देवी तालाब (अमृत सरोवर) में नहाने गए तीन बालकों की डूबने से मौत हो गई। तीनों हम उम्र और सातवीं कक्षा के छात्र थे। कुनेहटा गांव स्थित अमृत सरोवर तट पर सोमवार दोपहर 12:30 बजे गांव के कई बालक साइकिल चलाते हुए गुजर रहे थे।