दिल्ली विवि. से बीकॉम की पढ़ाई कर रही थी बेटी
इसे लेकर करवाचौथ से पहले पत्नी से मरने की बात कही थी। पत्नी ने समझाकर कहा था कि खुद अकेले क्यों मारोगे हम सब भी साथ मरेंगे। पत्नी के समझाने पर स्थिति को संभालकर निर्णय बदल लिया था। इसके बाद कुछ दिन के लिए कानपुर गया था। त्योहार पर बड़ी बेटी भाव्या (20) जो मेरी पहली पत्नी नीतू की बेटी है, भी घर पर आई हुई थी। वह दिल्ली विवि. से बीकॉम की पढ़ाई कर रही है।
मुंह से झाग आने लगा और वह अधमरे होने लगे
रविवार को पत्नी से फिर मरने की इच्छा जताई तो उसने सबके साथ मरने की बात कही। इस पर उसकी रजामंदी से ही सोमवार सुबह लगभग पांच बजे पत्नी रेखा (40), भाव्या, काव्या (15) और अभीष्ट को नींद की गोलियां खिला दीं। सभी के मुंह से झाग आने लगा और वह अधमरे होने लगे। बच्चों की तकलीफ देखकर पत्नी ने फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की, लेकिन बेसुध होने की वजह से वह फंदे पर नहीं झूल सकीं।
रस्सी से गला कसकर मारा
पत्नी के कहने पर सबसे पहले घर में रखी रस्सी से उन्हें गला कसकर मारा और फिर भूतल पर ही भाव्या और अभीष्ट को मार दिया। इसके बाद पहली मंजिल पर बने कमरे में सो रही काव्या को भी बेहोशी की हालत में मार डाला। परेशान होने की वजह से करीब तीन घंटे तक बाथरूम में ही पड़ा रहा। इसके बाद लगभग नौ बजे दोनों कमरों में ताले डालकर बाहर चला गया।
सुसाइड नोट में पूरे परिवार और खुद मरने की बात लिखी थी
शाम तक शहर में घूमने के बाद हिम्मत करके रात करीब 8:20 पर पत्नी के फोन पर स्टेट्स लगाया कि ये सब खत्म हो गए। इसके बाद सीओ सिटी के सीयूजी नंबर पर एक सुसाइड नोट और ये सब खत्म का संदेश लिखकर खुद रेलवे स्टेशन पर जान देने चला गया था। सुसाइड नोट में पूरे परिवार और खुद मरने की बात लिखी थी। बताया था कि पारिवारिक लेनदेन की वजह से यह कदम उठाना पड़ रहा है।
आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेजा
यहां रेलवे स्टेशन के पास मरुधर एक्सप्रेस के नीचे जान देने के लिए लेटा भी, लेकिन आठ कोच निकलने के बाद भी जान नहीं गई। इस बीच ही आई आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने उसे पकड़कर कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया और पूरी घटना का सच सामने आ गया। उधर, रेखा के भाई सत्येंद्र सोनी निवासी मोहल्ला झांसी, थाना सिटी कोतवाली जनपद भिंड (मप्र) ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है।
पत्नी बोली मुझे पहले मार देना, बच्चों को तड़पता नहीं देख पाउंगी
दीपावली पर कारोबारी की पहली पत्नी की बेटी भाव्या (20) घर आई थी। वह दिल्ली विवि से बीकॉम की पढ़ाई कर रही थी। पूरा परिवार साथ में ही था। रविवार को सराफ ने पत्नी से फिर मरने की इच्छा जताई तो उसने सबके साथ मरने की बात कही। कहा मुझे पहले मार देना। बच्चों को तड़पता नहीं देख पाउंगी। उसकी सहमति पर ही सोमवार सुबह लगभग पांच बजे पत्नी रेखा (40), भाव्या, काव्या (15) और अभीष्ट को पानी में नींद की गोलियां खिला दीं। सभी के मुंह से झाग आने लगा और वह बेसुध होने लगे।
पत्नी ने की फंदा लगाने की कोशिश
बच्चों की तकलीफ देखकर पत्नी ने फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की, लेकिन बेसुध होने की वजह से वह फंदे पर नहीं झूल सकीं। बच्चों की तकलीफ देख पत्नी के कहने पर सबसे पहले रस्सी से उसी का गला कसकर मार डाला।
बेसुध बच्चों के रस्सी से कसे गले
फिर भूतल पर ही भाव्या और अभीष्ट की भी रस्सी से गला कसकर हत्या कर दी। इसके बाद पहली मंजिल पर बने कमरे में सो रही काव्या को भी बेहोशी की हालत में मार डाला। चारों की हत्या करने के बाद वह करीब तीन घंटे तक बाथरूम में ही पड़ा रहा। इसके बाद लगभग नौ बजे दोनों कमरों में ताले डालकर बाहर चला गया।
बच्चों के सिर पर हाथ फेरकर कहा...अकेले छोड़कर नहीं जा सकता
मुकेश ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि जब बच्चों को नींद की गोलियां दीं तो उन्होंने पूछा, पापा ये क्या कर रहे हो। इस पर मैंने सिर पर हाथ फेरते हुए कहा कि बेटा अकेला छोड़कर नहीं जा सकता। तुम्हें भी लेकर जा रहे हैं। मुझे कोई पछतावा नहीं।
आरोपी ने पत्नी और बच्चों को सहमति से नींद की गोलियां देने की बात कबूली है। वह स्वयं भी मरने के लिए गया था। आरोपी को जेल भेज दिया है। -संजय कुमार वर्मा, एसएसपी