एयर होस्टेस मिशा सैनी की फाइल फोटो
जयपुर में 30 सितंबर को तिमंजिले मकान से गिरकर घायल एयर होस्टेस की शुक्रवार रात को इलाज के दौरान मौत हो गई। शुक्लागंज निवासी युवती का इलाज परिजन कानपुर के एक नर्सिंग में करा रहे थे। परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद से वह कोमा में थी। उपचार के दौरान उसे एक दिन होश आया तो उसने बताया कि उसके रूम पार्टनर ने उसे धक्का दिया था। इधर, परिजन कोतवाली गंगाघाट शिकायत करने आए तो यहां पर पुलिस कर्मियों ने मामला जयपुर का बताकर चलता कर दिया।
कानपुर शुक्लागंज गंगाघाट के बिंदानगर निवासी रूप सैनी ने बताया कि उनकी बेटी मिशा सैनी (20) जयपुर में गोल्डन ट्यूलिप एयरवेज में बतौर एयर होस्टेस थी। कंपनी के ही एक फ्लैट में रहती थी। 30 सितंबर को उन्हें सूचना मिली कि बेटी तिमंजिले से गिर गई है। वहां के नर्सिंगहोम में उपचार के दौरान बेटी कोमा में चली गई। कंपनी वालों ने इसे एक्सीडेंट होना बताया। हालत ठीक न होने पर परिजन मिशा को 27 अक्टूबर को कानपुर ले आए और मधुराज नर्सिंगहोम में भर्ती कराया। जहां उपचार के दौरान मिशा को होश आया तो उसने अपनी रूम पार्टनर का जिक्र करते हुए बताया कि उसने उसे धक्का दिया था। परिजन कुछ और समझ पाते कि युवती कोमा में चली गई।
परिजनों ने बताया कि कानपुर के निजी नर्सिंग में शुक्रवार की रात मिशा की हालत बिगड़ी और उसने दम तोड़ दिया। शिकायत उन्होंने कोतवाली गंगाघाट में की लेकिन वहां यह कहकर चलता कर दिया गया कि मामला जयपुर का है, वहीं रिपोर्ट दर्ज कराओ। वहीं, एसएसआई इंद्र पाल सिंह सेंगर का कहना है कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है।