मौके पर मौजूद एनएचएआई और पुलिस के अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
नारामऊ ब्लैक स्पाॅट पर बस और कार की भिड़ंत में दो शिक्षिकाओं समेत तीन लोगों की मौत के बाद आखिरकार एनएचएआई के अधिकारियों की नींद टूट गई। बुधवार सुबह पुलिस के साथ मौके पर एनएचएआई और प्रशासन के अधिकारी पहुंचे और सीमेंटेड ब्लॉक लगाकर कट को बंद कर दिया। अमर उजाला ने मंगलवार को नारामऊ कट पर हुए इस भीषण हादसे और कट के कारण अब तक 11 हादसों में 13 की मौत की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित कर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए थे।
बता दें कि नारामऊ में मंगलवार सुबह कट पर मोड़ने के दौरान बाइक से टकराने के बाद चालक ने कार से नियंत्रण खो दिया और दूसरे लेन में सामने से आ रही तेज रफ्तार बस से टकरा गई थी। हादसे में उन्नाव के परिषदीय स्कूल की शिक्षिका न्यू शिवली रोड निवासी आकांक्षा मिश्रा (35), बर्रा विश्व बैंक निवासी अंजुला मिश्रा (41) और कार चालक गूबा गार्डेन निवासी विशाल द्विवेदी (25) की मौत हो गई थी।
मौके पर मौजूद एनएचएआई और पुलिस के अधिकारी
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वहीं, श्यामजीपुरम निवासी शिक्षिका ऋचा अग्निहोत्री और पनकी के-ब्लाॅक निवासी बाइक सवार शिक्षक अशोक कुमार पांडेय घायल हो गए। इस कट पर लगातार हो रहे हादसों को लेकर स्थानीय लोगों ने खासी नाराजगी जताई थी। हादसे के बाद कट फिर सुखिर्यों में आया तो बुधवार सुबह एनएचएआई और पुलिस के अधिकारी घटना स्थल पहुंचे।
मौके पर मौजूद एनएचएआई और पुलिस के अधिकारी
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मंधना के पास वाले कट को भी बंद किया गया
उन लोगों ने वहां काफी देर खड़े होकर हादसों के संभावित कारणों को जानने की कोशिश की। इसके बाद उन लोगों ने आपसी सहमति से इसे बंद करने का फैसला किया। इसके थोड़ी देर बाद क्रेन ट्रक में लादकर सीमेंटेड ब्लॉक वहां लाई और कट को बंद कर दिया। इसके साथ ही मंधना के पास वाले कट को भी बंद कर दिया।